नवी मुंबई एजुसिटी प्रोजेक्ट अपडेट (प्रतीकात्मक तस्वीर) 
मुंबई

मानखुर्द में AIMIM नगरसेविका का जाति प्रमाण पत्र रद्द, BMC को कार्रवाई के निर्देश

Mankhurd AIMIM Corporator Caste Certificate: AIMIM नगरसेविका रोशन शेख का ‘जुलाहा’ जाति प्रमाण पत्र जांच समिति ने रद्द कर दिया। BMC को कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

अपूर्वा नायक

Mankhurd AIMIM Corporator Caste Certificate Cancelled: मानखुर्द-शिवाजी नगर विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी की हालिया करारी हार के बाद स्थानीय राजनीति में नया मोड़ आ गया है।

वार्ड क्रमांक 138 की एआईएमआईएम नगरसेविका रोशन मोहम्मद सलीम शेख को प्रशासन की ओर से बड़ा झटका लगा है। जांच समिति ने उनके द्वारा प्रस्तुत 'जुलाहा' (ओबीसी) जाति प्रमाण पत्र को अवैध घोषित करते हुए तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है और बीएमसी कमिश्नर को कानूनी एक्शन के निर्देश दिया है।

इस फैसले से विपक्षी खेमे में फिर से उम्मीद जाग गई है। बता दें कि पिछले मनपा चुनाव में रोशन शेख को 7,400 वोट मिले थे, जबकि महफूज शेख को 5,500 और अर्जुन शिंदे को 2,600 वोट प्राप्त हुए थे।

फर्जीवाड़े का खुलासा और समिति का फैसला

यह मामला दिसंबर 2025 में शुरू हुआ, जब बीएमसी के चुनाव अधिकारी ने रोशन शेख के जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन का प्रस्ताव जांच समिति को भेजा। समाजवादी पार्टी के मोहम्मद महफूज शेख और यूबीटी के अर्जुन शिंदे ने इस प्रमाण पत्र के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। विजिलेंस टीम की रिपोर्ट और सुनवाई के दौरान पाया गया कि रोशन शेख द्वारा पेश किए गए दस्तावेज उनके दावों की पुष्टि नहीं करते थे और बाद में तैयार किए गए प्रतीत होते हैं।

अब चुनाव आयोग को लेना है निर्णय

  • जांच समिति ने सभी सबूतों पर विचार करने के बाद प्रमाण पत्र को जब्त कर अवैध घोषित कर दिया। समिति ने केवल प्रमाण पत्र रद्द करने तक सीमा नहीं रखी, बल्कि बीएमसी आयुक्त को महाराष्ट्र जाति प्रमाण पत्र अधिनियम, 2000 के तहत रोशन शेख के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं।
  • साथ ही, इस फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर प्राप्त सभी चुनावी और सरकारी लाभों की वसूली के आदेश दिए गए हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में चुनाव में दूसरे स्थान पर रहने वाले उम्मीदवार को अवसर मिलने की संभावना होती है। हालांकि, इस प्रकरण में दो शिकायतकर्ता शामिल हैं। इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव आयोग क्या निर्णय लेता है।

मुझे देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और इसी विश्वास के साथ मैंने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। यह जीत उन लोगों के भरोसे की जीत है, जिन्होंने मुझे क्षेत्र के विकास के लिए चुना था। सच्चाई यह है कि पिछले चुनाव में लोगों के जनादेश का अनादर करते हुए अनुचित तरीके से जीत हासिल की गई थी। - महफूज शेख, समाजवादी पार्टी

जाति सत्यापन समिति (स्क्रूटनी कमेटी) ने मेरी पत्नी और नगरसेविका रोशन शेख का जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिया है। हमारे पास अभी भी कई कानूनी विकल्प शेष है और हम इस फैसले को माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।

- इरफान शेख, नगरसेविका के पति

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