मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

मुंबई: CM की अपील पर आदिवासी पाड़े पहुंचे मंगलप्रभात लोढ़ा, परिवारों के साथ साझा की त्योहार की खुशियां

Diwali With Adivasi Families: मुख्यमंत्री की अपील पर मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने आरे कॉलोनी के आदिवासी परिवारों के साथ दिवाली मनाई। बच्चों को साइकिल, खिलौने और शैक्षणिक सामग्री बांटी।

अखिलेश तिवारी, आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • कार्यक्रम गोरेगांव पूर्व के खांबांचा पाड़ा में आयोजित हुआ।

  • वनवासी कल्याण आश्रम, महाराष्ट्र और लोढ़ा फाउंडेशन ने आयोजन किया।

  • मंत्री ने आदिवासी परिवारों की समस्याएं भी सुनीं।

  • आरे कॉलोनी परिसर में कुल 27 आदिवासी इलाके हैं।

Mangal Prabhat Lodha Celebrates Diwali: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अपील पर कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने रविवार को गोरेगांव पूर्व स्थित आरे मिल्क कॉलोनी के खांबांचा पाड़ा में आदिवासी परिवारों के साथ दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने बच्चों को साइकिल, खिलौने, शैक्षणिक सामग्री, पटाखे और बिस्कुट वितरित किए। आदिवासी परिवारों के साथ फराल का आनंद लेने के साथ ही वह पारंपरिक तारपा नृत्य में भी शामिल हुए।

वनवासी कल्याण आश्रम, महाराष्ट्र और लोढ़ा फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस दिवाली मिलन कार्यक्रम में मंत्री लोढ़ा ने आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्योहार की खुशियां साझा कीं। लोढ़ा फाउंडेशन की पहल के तहत शहर के नागरिकों से एकत्र की गई पुरानी साइकिलों और खिलौनों की मरम्मत कर उन्हें जरूरतमंद बच्चों को वितरित किया गया।

CM की आदिवासी लोगों के साथ दिवाली मनाने अपील की

इस अवसर पर मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस वर्ष किसानों और आदिवासी भाई-बहनों के साथ दिवाली मनाने की अपील की थी। आरे कॉलोनी परिसर में कुल 27 आदिवासी इलाके हैं। राज्य सरकार में मंत्री और मुंबई उपनगर के सह-पालकमंत्री के रूप में यहां के नागरिकों को जब भी किसी सहायता की जरूरत होगी, वह उसके लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।

उन्होंने कहा कि लोढ़ा फाउंडेशन के माध्यम से अनुपयोगी वस्तुओं को एकत्र कर उनकी मरम्मत कराई जाती है, ताकि साइकिल और खिलौने जैसी चीजें जरूरतमंद बच्चों के काम आ सकें। उन्होंने हर साल अलग-अलग आदिवासी पाड़ों में दिवाली मनाने का संकल्प भी जताया। प्रकृति के बीच आदिवासी परिवारों के साथ त्योहार मनाना उनके लिए दिवाली की सबसे खास यादों में से एक रहा।

घर-घर बांटा फराल

कार्यक्रम में आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक तारपा नृत्य प्रस्तुत किया। इसकी धुन पर मंत्री लोढ़ा भी खुद को रोक नहीं पाए और आदिवासी भाई-बहनों के साथ नृत्य में शामिल हो गए। उन्होंने बच्चों के साथ पटाखे फोड़े और घर-घर जाकर दिवाली का फराल भी वितरित किया।

इस अवसर पर नगरसेविका प्रीति साटम, वनवासी कल्याण आश्रम के कार्याध्यक्ष सुशील जाजू सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार उपस्थित थे।

मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने आदिवासी पाड़े के बच्चों के साथ पटाखे फोड़कर दिवाली मनाई। उन्होंने घर-घर जाकर परिवारों को दिवाली त्योहार का फराल भी वितरित किया। साइकिल, खिलौने और अन्य उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

तारपा नृत्य में शामिल हुए मंत्री लोढ़ा

कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय का पारंपरिक तारपा नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों की प्रस्तुति और संगीत से उत्साहित होकर मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा भी नृत्य में शामिल हो गए। उन्होंने आदिवासी भाई-बहनों के साथ कदम मिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया।

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