प्रताप उदेशी, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

फ्रीजर में 4 साल बंद शव का अंतिम संस्कार, भविष्य में फिर जिंदा होंगे पिता की उम्मीद में सुरक्षित रखा था शव

Mumbai Health Department: मालाड पूर्व के कुरार में 4 साल तक फ्रीजर में रखे 79 वर्षीय बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस जांच में साजिश खारिज, बीएमसी की भूमिका पर सवाल उठे हैं।

रूपम सिंह

Malad Kurar Village Body Kept In Freezer Case: मालाड पूर्व के कुरार गांव में 79 वर्षीय प्रताप उदेशी के शव को चार साल तक फ्रीजर में सुरक्षित रखने का मामला सामने आने के बाद अब पुलिस जांच के साथ प्रशासनिक और वैज्ञानिक सवाल भी उठने लगे हैं। देर रात शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार, प्रताप उदेशी की मृत्यु 2022 में प्राकृतिक कारणों से हुई थी। किसी आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि शव को लंबे समय तक निजी परिसर और कथित तौर पर बंद क्लिनिक में रखने की वैधता जांच के दायरे में है।

मुंबई बीएमसी की अनुमति, क्लिनिक की स्थिति और शव के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब जांच का फोकस इन्हीं पहलुओं पर है। इस अजीबोगरीब वाकये ने अंधविश्वास, विज्ञान के नाम पर भ्रामक उम्मीदों और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है।

परिवार के मुताबिक, शव को भविष्य में तकनीक के जरिए दोबारा जीवित करने की उम्मीद में क्रायोनिक्स सेंटर भेजने की तैयारी थी। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार मृत व्यक्ति को क्रायोनिक्स के जरिए पुनर्जीवित करने का अब तक कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

मनपा स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस मामले में स्थानीय स्तर पर बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को लेकर भी बड़े सवाल उठ रहे है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित परिसर को पहले बीएमसी द्वारा सील किए जाने की बात सामने आई है।

ऐसे में सवाल यह है कि क्या परिसर की जांच के दौरान अधिकारियों का ध्यान फ्रीजर पर नहीं गया था? क्या क्लिनिक के पास आवश्यक स्वास्थ्य लाइसेंस या वैध अनुमति मौजूद थी? इन सभी पहलुओं की अब गहराई से जांच की जा रही है।

अंतिम संस्कार और पुलिस जांच की आगे की दिशा

बता दें कि भारत में मृत शरीर के क्रायोनिक संरक्षण के लिए कोई स्पष्ट कानूनी व्यवस्था नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने भी गरिमापूर्ण अंतिम संस्कार के अधिकार को महत्वपूर्ण माना है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कानूनी विशेषज्ञों की राय ली और औपचारिकताएं पूरी कर शव परिवार को सौंपा।

पुलिस का कहना है कि मृत्यु प्राकृतिक थी और प्रथम दृष्टया कोई साजिश नहीं मिली है, लेकिन नियमों की अनदेखी पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कुरार पुलिस ने कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं किया है।

क्लिनिक के फ्रीजर तक पहुंचाया शव, प्रबंधकों के बयान दर्ज

परिवार ने शुरुआत में शव को अपने घर में ही फ्रीजर के भीतर रखा था। बाद में इमारत के पुनर्विकास के कारण शव को कुरार के एक स्थानीय क्लिनिक में स्थानांतरित किया गया, जो परिसर पिछले एक महीने से बंद था।

स्थानीय लोगों की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और फ्रीजर की जांच कर शव बरामद किया। पुलिस ने इस सिलसिले में परिवार, क्लिनिक प्रबंधन और संपत्ति के मालिक के बयान दर्ज कर लिए हैं।

भारत के लिए अक्टूबर कूटनीति का व्यस्त महीना, जानें कौन-सी तारीखें हैं बेहद खास

Who is Captain Smit Machchhar? फ्लाईदुबई घटना में घायल होने के बाद भी बचाई 174 लोगों की जान

हर शनिवार को बंद रहेंगे बैंक, वित्त मंत्रालय की नोटिफिकेशन सोशल मीडिया पर वायरल, जानें क्या है सच?

स्मित मच्छार के साहस ने याद दिलाया 1986 का वो हमला, जिसमें नीरजा भनोट ने आतंकी से लड़कर बचाई थी सैंकड़ों जाने

UPSC Centenary: PM नरेंद्र मोदी ने जारी किया स्मारक डाक टिकट-सिक्का, कैप्टन स्मित की बहादुरी का किया जिक्र