मालाड के कुरार-विलेज रोड पर यातायात व्यवस्था ध्वस्त, स्कूली बच्चों और मरीजों पर असर

Kurar Village Traffic Issue: मालाड पूर्व के गांधी नगर से कुरार तक ट्रैफिक जाम गंभीर समस्या बन गया है। रोजाना लोग घंटों जाम में फंस रहे हैं, जिससे स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी परेशानी हो रही है।
मालाड पूर्व के गांधी नगर से कुरार विलेज तक ट्रैफिक जाम गंभीर समस्या बन गया है। रोजाना लोग घंटों जाम में फंस रहे हैं, जिससे स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी परेशानी हो रही है।
कुरार विलेज ट्रैफिक इश्यू अपडेट (सौ. सोशल मीडिया )
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Malad Kurar Traffic Jam Problem: मालाड पूर्व स्थित गांधी नगर से कुरार विलेज तक की सड़क इन दिनों भीषण ट्रैफिक जाम का पर्याय बन चुकी है। मात्र 1।5 से 2 किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को घंटों का समय लग रहा है।

रोजमर्रा की इस समस्या से आम नागरिकों में भारी नाराजगी है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान नजर नहीं आया है। गांधी नगर ब्रिज से लेकर कुरार पुलिस स्टेशन हाईवे तक का मार्ग ज्यादा लंबा नहीं है, लेकिन इसकी संकरी बनावट और घुमावदार रास्ते के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीयों के अनुसार, सड़क का कम चौड़ा होना, फेरीवालों का अतिक्रमण, अवैध पार्किंग जाम के प्रमुख कारण हैं।

स्कूली बच्चों और मरीजों पर असर

सुबह 10 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इस दौरान भारी मालवाहक वाहन और सब्जी सप्लाई करने वाले ट्रक बड़ी संख्या में इस मार्ग से गुजरते हैं। इसके अलावा कुरार और आसपास के इलाकों में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण कंस्ट्रक्शन सामग्री से भरे ट्रक और पानी के टैंकर भी जाम को और बढ़ा देते हैं।

इस ट्रैफिक अव्यवस्था का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों और मरीजों पर पड़ रहा है। कई बार स्कूल बसे और एंबुलेस भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे आपातकालीन सेवाओं पर खतरा मंडराने लगता है। इतना ही नहीं, इसी मार्ग से सटी श्मशान भूमि के कारण अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को भी जाम का सामना करना पड़ता है, जो एक संवेदनशील और पीड़ादायक स्थिति बन जाती है।

प्रशासन से सिर्फ मिलता है आश्वासन

स्थानीयों का कहना है कि यह समस्या कई वर्षों से चली आ रही है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी और बड़े वाहनों के लिए निश्चित समय-सारणी तय की जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, सड़क चौड़ीकरण व गड्डों की मरम्मत जैसे ठोस कदम उठाए जाएं।

अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करेगा या फिर मालाड पूर्व की जनता यूं ही ट्रैफिक जाम के दंश को झेलती रहेगी? हालांकि इस विषय को लेकर बीएमसी पी नार्थ विभाग सहायक आयुक्त कुंदन वलवी से संपर्क साधा गया परन्तु उन्होंने फोन नहीं उठाया न ही मैसेज के जरिए कोई भी प्रतिक्रिया दी।

मैं लगातार कुरार की ट्रैफिक को कम करने के विषय को लेकर काम कर रहा हूं, हु, कुछ बॉटम लेन खोल दिए गए हैं और अन्य सभी बॉटम लेन खोलने के कार्य को गति दी जा रही है। संस्कार कॉलेज के बॉटम लेन में बाधित झोपड़ों के लिए बीएमसी को पीएपी हैंड ओवर किया गया है।

- सुनील प्रभु, विधायक यूबीटी शिवसेना

कुरार की सड़को पर अक्सर जाम लगा रहता है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों को देरी होती है। बच्चे बस में ट्रैफिक कम होने का इंतजार करते है। प्रशासन को इन इलाकों में बड़े वाहनों के आवागमन के लिए समय-सारणी बनाने की जरूरत है, जिससे ट्रैफिक की समस्या को कुछ हद तक कम की जा सकती है।

- शैलेश पांडे, फ्रेंड ऑफ एजुकेशन

मालाड से नवभारत लाइव के लिए रितेश तिवारी की रिपोर्ट

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