लंबे समय के विवाद के बाद माहिम सीफूड प्लाजा दोबारा खुल गया है।
पारंपरिक कोली व्यंजनों और ताजे सीफूड का लुत्फ उठा सकेंगे मुंबईकर।
बीएमसी के इस प्रयास से स्थानीय कोली महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
Mahim Koliwada Food Plaza Reopening: मुंबई के सीफूड प्रेमियों के लिए एक बेहद खुशखबरी की खबर सामने आई है। लंबे इंतजार और स्थानीय विवादों के सुलझने के बाद, माहिम चौपाटी और कोलीवाड़ा के पास स्थित माहिम सीफूड प्लाजा को आधिकारिक रूप से एक बार फिर खोल दिया गया है। BMC द्वारा शुरू किए गए इस प्लाजा का मुख्य उद्देश्य मुंबई की पारंपरिक कोली संस्कृति और खान-पान को बढ़ावा देना तथा स्थानीय कोली महिला बचत गटों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
वरली सी लिंक के मनमोहक समुद्री नजारे के सामने स्थित यह प्लाजा सीफूड के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
माहिम सीफूड प्लाजा को लेकर मुख्य विवाद और इसके बंद रहने के पीछे तीन प्रमुख कारण थे।
नावों के लंगर और जगह का विवाद: माहिम कोलीवाड़ा का यह तट पारंपरिक रूप से स्थानीय मछुआरों की नावों को खड़ा करने की जगह थी। बोट्स खड़ी रहने के कारण फूड प्लाजा के लिए जगह की उपलब्धता और स्थानीय निवासियों के साथ सामंजस्य बिठाने को लेकर गतिरोध बना हुआ था। अंततः BMC और स्थानीय कोली समाज की सहमति से नावों को व्यवस्थित कर महिला बचत गटों के लिए एक समर्पित प्लेटफॉर्म तैयार किया गया।
मानसून पाबंदी: यह प्लाजा पूरी तरह से खुले समुद्र तट पर स्थित है। मानसून और बारिश के सीजन में मछुआरों की बोट्स किनारे पर रखी जाती हैं और समुद्र में मछली पकड़ना बंद रहता है, जिस वजह से यह प्लाजा हर साल जून से अक्टूबर तक पूरी तरह बंद रहता है और नवंबर से मई के बीच ही संचालित होता है।
कीमतों और स्वच्छता को लेकर विवाद: कुछ ऑनलाइन रिव्यूज में खाने की कीमतों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर शिकायतें दर्ज की गई थीं। हालांकि, स्टॉल चलाने वाली कोली महिलाओं ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह का फ्रोजन माल इस्तेमाल नहीं करतीं, बल्कि रोज सुबह समुद्र से पकड़ी गई 100% ताजा मछली ग्राहकों के सामने लाइव बनाकर परोसती हैं।
माहिम सीफूड प्लाजा के संचालन के दिन और समय सीमा तय की गई है ताकि पर्यटकों और भोजन प्रेमियों को पूरी सुविधा मिल सके।
| श्रेणी / विवरण | जानकारी व विवरण |
| स्थान (Location) | माहिम चौपाटी/कोलीवाड़ा, सेंट माइकल चर्च के पास, माहिम वेस्ट, मुंबई |
| सप्ताह में कार्य दिवस | केवल 4 दिन (बुधवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार) |
| संचालन का समय | शाम 07:00 बजे से रात 11:00 / 12:00 बजे तक |
| वार्षिक संचालन अवधि | नवंबर से मई तक (मानसून के दौरान बंद) |
| प्रमुख आकर्षण | बांद्रा-वरली सी लिंक का नजारा, लाइव कुकिंग और पारंपरिक कोली स्वाद |
इस प्लाजा में लगभग 10 से 14 स्टॉल लगाए गए हैं, जिन्हें पूरी तरह से कोली महिला बचत गटों (जैसे चिंबोरी कट्टा, दरिया किनारा, जीजामाता, तांडेस किचन, सुजाता, मत्स्यगंधा, एकवीरा, सागरी आदि) द्वारा संचालित किया जाता है।
यहां आपको पारंपरिक कोली मसालों से तैयार की गई कई अनोखी डिशेज खाने को मिलती हैं, जिनमें तंदूरी प्रों्स, बोंबिल भजिया, सुरमई कालवण, केकड़ा मसाला, चावल की भाकरी, कोमड़ी वड़े, जवला वड़ा, शार्क का कीमा और स्क्विड कीमा शामिल हैं।
| व्यंजन (Dish) | विशेषता / पकाने की शैली | अनुमानित दर (₹ में) |
| तंदूरी झींगा (Tandoori Prawns) | बिना कृत्रिम रंग के तंदूर में ग्रिल (12-15 पीस) | ₹400 - ₹500 |
| बोंबिल फ्राई / भजिया (Bombil Fry) | रवा कोटिंग के साथ क्रिस्पी फ्राई (4-6 पीस) | ₹200 - ₹300 |
| सुरमई फ्राई / करी (Surmai Fry) | घर के कोली मसाले में मैरीनेट | ₹400 - ₹700 (साइज अनुसार) |
| पापलेट / पॉमफ्रेट (Pomfret Fry) | तवा फ्राई व तंदूरी विकल्प | ₹400 - ₹800 |
| चिंबोरी / केकड़ा मसाला (Crab Masala) | गाढ़ी कोली ग्रेवी के साथ | ₹100 - ₹250 |
| तांदळाची भाकरी (Rice Bhakri) | ताजी गर्म चावल की रोटी | ₹30 प्रति पीस |
| सोलकढ़ी (Solkadhi) | कोकम और नारियल दूध से बना पाचक पेय | ₹60 प्रति ग्लास |
समुद्र की ठंडी हवा, सामने चमकता बांद्रा-वरली सी लिंक और आँखों के सामने कड़ाही में छनती ताजी मछलियां माहिम सीफूड प्लाजा का यह अनुभव मुंबई के किसी भी बंद एसी रेस्तरां से बेहद अलग है। तो अगर आप भी प्रामाणिक तटीय स्वादों के शौकीन हैं, तो इस वीकेंड माहिम कोलीवाड़ा का रुख जरूर करें।