

अजित पवार गुट के नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर की अहम बैठक।
छगन भुजबल ने साफ किया कि विलय की खबरें पूरी तरह निराधार हैं।
एनसीपी नेताओं ने जल्द ही वित्त मंत्रालय का प्रभार संभालने की मांग की।
NCP Merger Rumours CM Devendra Fadnavis Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी उलटफेर की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों धड़ों की कोर कमेटी की बैठकें आयोजित होने के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया।
इसी बीच, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में अजित पवार नीत एनसीपी का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास वर्षा बंगले पहुंचा। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के बाद मीडिया और सोशल मीडिया पर दोनों एनसीपी गुटों के संभावित विलय और राज्य मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल को लेकर गढ़ी उथल-पुथल की खबरें तैरने लगीं।
मुंबई में एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक समाप्त होते ही अजित पवार गुट के शीर्ष नेता सीधे मुख्यमंत्री आवास के लिए रवाना हुए। इस प्रतिनिधिमंडल में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के साथ वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे, कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ, विधायक धनंजय मुंडे और जय पवार शामिल थे।
अचानक हुई इस उच्चस्तरीय बैठक से राज्य के राजनीतिक माहौल में यह कयास लगाए जाने लगे कि महायुति सरकार के भीतर कोई बड़ा प्रशासनिक पुनर्गठन या फेरबदल होने वाला है।
बैठक के बाद बाहर आए वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल ने साफ किया कि इस वार्ता का मुख्य केंद्र वित्त मंत्रालय का प्रभार था। अजित पवार के निधन के बाद से राज्य का वित्त विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास ही है।
छगन भुजबल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार में एनसीपी के हिस्से के रूप में वित्त मंत्रालय जल्द से जल्द पार्टी को सौंपा जाना चाहिए। भुजबल ने कहा, हमारी और पार्टी के विधायकों की मांग बिल्कुल स्पष्ट है; हमें वित्त मंत्रालय ही चाहिए और अब इस निर्णय में और अधिक देरी करना सही नहीं है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई इस बातचीत के संदर्भ में भुजबल ने बताया कि मुख्यमंत्री का रुख पूरी तरह सकारात्मक रहा है। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि एनसीपी को वित्त मंत्रालय सौंपने को लेकर गठबंधन में कोई विवाद नहीं है।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने बैठक में ध्यान दिलाया कि राज्य इस समय गंभीर सूखे का सामना कर रहा है। सूखाग्रस्त किसानों के लिए कर्जमुक्ती, अग्रिम राहत और कल्याणकारी योजनाओं हेतु बड़े पैमाने पर बजटीय फंड की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यक वित्तीय प्रक्रियाएं पूरी होते ही आगामी विंटर सेशन से पहले यह प्रभार एनसीपी को सौंप दिया जाएगा।
दोनों एनसीपी धड़ों के विलय और मंत्रियों या पालक मंत्रियों में फेरबदल की उड़ती चर्चाओं पर छगन भुजबल ने पूरी तरह पूर्णविराम लगा दिया। भुजबल ने कहा कि मीडिया में चलाई जा रही विलय की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों गुटों के एक होने या मंत्रियों के विभाग बदलने का कोई भी प्रस्ताव न तो पार्टी के एजेंडे में था और न ही इस पर कोई चर्चा हुई है।