दिवाली पर महावितरण ने बिजली बिल बकायादारों के लिए अभय योजना की घोषणा की है।
योजना के तहत सभी पात्र उपभोक्ताओं के बिजली बिल का पूरा ब्याज माफ किया जाएगा।
एकमुश्त बकाया राशि का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को मूल राशि पर भी छूट मिलेगी।
Mahavitaran Abhay Yojana 2026: दिवाली के त्योहार पर महाराष्ट्र के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) ने ‘अभय योजना 2026-27’ की घोषणा की है। इस योजना के तहत स्थायी रूप से बिजली कनेक्शन कट चुके गैर-कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल चुकाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
योजना में कुल बकाया राशि पर लगने वाला 100 प्रतिशत ब्याज और विलंब शुल्क माफ किया जाएगा। वहीं, एकमुश्त भुगतान करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 20 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी।
महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र ने गुरुवार को मुंबई स्थित प्रकाशगढ़ मुख्यालय में इस योजना का शुभारंभ किया।
योजना 6 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री एवं ऊर्जामंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में शुरू की गई है।
महावितरण के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक जिन घरेलू, वाणिज्यिक, औद्योगिक और अन्य गैर-कृषि उपभोक्ताओं का उच्चदाब या लघुदाब बिजली कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिया गया है, वे इस योजना के पात्र होंगे। इसके अलावा 31 दिसंबर 2025 तक अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति बंद किए गए उपभोक्ता भी लाभ ले सकेंगे। हालांकि, कृषि और सार्वजनिक नल जलापूर्ति योजनाओं के उपभोक्ता इस योजना से बाहर रहेंगे। वितरण फ्रेंचाइजी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ मिलेगा।
योजना के तहत 15 दिसंबर 2026 तक मूल बकाया का एकमुश्त भुगतान करने पर अर्ली बर्ड रिबेट मिलेगा। तीन साल तक स्थायी रूप से कनेक्शन कटे रहने वाले लघुदाब घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को 10 प्रतिशत तथा तीन साल से अधिक समय से कनेक्शन कटे होने पर 20 प्रतिशत छूट मिलेगी। अन्य लघुदाब एवं उच्चदाब उपभोक्ताओं को क्रमशः 10 और 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
उपभोक्ता मूल बकाया एकमुश्त या किस्तों में जमा कर सकते हैं। लघुदाब उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान के बाद शेष राशि छह समान ब्याजमुक्त मासिक किस्तों में जमा करने की सुविधा होगी। उच्चदाब उपभोक्ताओं को तीन से छह ब्याजमुक्त किस्तों का विकल्प मिलेगा।
20 किलोवॉट तक स्वीकृत भार वाले उपभोक्ता पुनः बिजली कनेक्शन लेते समय प्रीपेड स्मार्ट मीटर का विकल्प चुनते हैं, तो उन्हें मूल बकाया में अतिरिक्त 5 प्रतिशत छूट मिलेगी। इसके साथ ही रिकनेक्शन शुल्क और लघुदाब उपभोक्ताओं का सर्विस कनेक्शन शुल्क पूरी तरह माफ रहेगा।
महावितरण के आंकड़ों के अनुसार, स्थायी रूप से कनेक्शन कटे 34.86 लाख गैर-कृषि उपभोक्ताओं पर करीब 7,650 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसमें 2,092 करोड़ रुपये का ब्याज और विलंब शुल्क माफ किया जाएगा। वहीं, अस्थायी रूप से कनेक्शन कटे 2.60 लाख से अधिक उपभोक्ताओं पर 488.78 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिनका 163.93 करोड़ रुपये का ब्याज माफ होगा।
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता महावितरण के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।