महारेरा नोटिस हाउसिंग प्रोजेक्ट्स भारत (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

MahaRERA Notice: 8,212 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को नोटिस, 60 दिन में रिपोर्ट नहीं तो रजिस्ट्रेशन रद्द

MahaRERA Notice Projects News: महारेरा ने 8,212 हाउसिंग परियोजनाओं को QPR जमा न करने पर नोटिस जारी किया है। 60 दिन का अल्टीमेटम देते हुए रजिस्ट्रेशन रद्द पर रोक की चेतावनी दी गई है।

अपूर्वा नायक

MahaRERA Notice Projects Updates: महाराष्ट्र रियल इस्टेट नियामक प्राधिकरण (महारेरा) ने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही की प्रगति रिपोर्ट (क्यूपीआर) जमा न करने को लेकर मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) की 4,644 सहित राज्य भर की कुल 8,212 हाउसिंग परियोजनाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

डेवलपर्स को 60 दिनों के भीतर विवरण अपडेट करने का समय दिया गया है, अन्यथा परियोजना का पंजीकरण रद्द या निलंबित किया जा सकता है। महारेरा के नोटिस को लेकर बिल्डरों में हड़कंप व्याप्त है।

बताया गया कि नियामक प्राधिकरण के पास पंजीकृत 33,029 चालू परियोजनाओं में से 8,000 से अधिक ने त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (क्यूपीआर) दाखिल नहीं की है।

जिसमें बेचे गए फ्लैटों की संख्या, किए गए व्यय और निर्माण योजनाओं में किसी भी बदलाव जैसे महत्वपूर्ण विवरणों का खुलासा होता है। अधिकारियों ने कहा है कि इन अपडेट के अभाव में घर खरीदारों को परियोजना की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी नहीं मिल पाती है।

परियोजनाओं को 60 दिन का दिया गया अल्टीमेटम

महारेरा ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए डेवलपर्स को लंबित रिपोर्ट जमा करने के लिए 60 दिन का समय दिया है। नोटिस में प्रोजेक्ट बैंक खातों को फ्रीज करना, पंजीकरण रद्द करना और विज्ञापन एवं मार्केटिंग पर रोक लगाने की बात कही गयी है।

नियमों का पालन न करने वाले प्रोजेक्ट्स को बिक्री समझौतों के पंजीकरण से प्रतिबंधित किए जाने का भी खतरा है, साथ ही उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। कहा गया है कि डेवलपर्स को प्रकटीकरण मानदंडों का पालन करना होगा।

महारेरा के अध्यक्ष मनोज सौनिक ने कहा है कि बार-बार फॉलो अप करने के बावजूद यदि त्रैमासिक रिपोर्ट अपडेट नहीं की जाती है, तो पंजीकरण रद्द करने या उसे स्थगित रखने में महारेरा संकोच नहीं करेगा। सबसे अधिक परियोजना चूक मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) और कोंकण क्षेत्र में हुई है, जिनमें 4,644 मामले दर्ज हैं। इनमें ठाणे में सबसे अधिक 1,475 परियोजनाएं हैं।

एमएमआर और कोंकण क्षेत्र में सबसे अधिक चूक

ठाणे के बाद मुंबई उपनगर (1,263), रायगढ़ (842), पालघर (612) और मुंबई शहर (267) का नंबर आता है। पुणे क्षेत्र में ऐसी 2,311 परियोजनाएं दर्ज की गईं, जिनमें अकेले पुणे जिले में 1,957 परियोजनाएं शामिल हैं। अन्य क्षेत्रों में खानदेश में 511 परियोजनाएं, विदर्भ में 483 और मराठवाड़ा में 238 परियोजनाएं शामिल हैं।

रेरा नियमों के तहत अनिवार्य त्रैमासिक रिपोर्टिंग तंत्र का उद्देश्य जवाबदेही सुनिश्चित करना और घर खरीदारों को परियोजना की प्रगति पर नजर रखने में सक्षम बनाना है। अधिकारियों ने कहा कि अनुपालन में सुधार लाने और इस क्षेत्र में खरीदारों का विश्वास बहाल करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

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