महाराष्ट्र में 11 अक्टूबर को गर्म और शुष्क मौसम रहने का अनुमान।
मुंबई में 35–38°C तापमान और उमस से बढ़ेगी परेशानी।
पुणे में अधिकतम तापमान 34°C रहने की संभावना।
नागपुर में 30°C तापमान और AQI 126 दर्ज।
विदर्भ में व्यापक बारिश की संभावना कम।
दोपहर में धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह।
Maharashtra Weather Today: महाराष्ट्र में रविवार, 11 अक्टूबर को मानसून की विदाई के बाद गर्म और शुष्क मौसम का प्रभाव जारी रहने का अनुमान है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहने और दिन के तापमान में बढ़ोतरी से लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
मुंबई और आसपास के इलाकों में उमस, जबकि पुणे और विदर्भ के शहरों में दोपहर के समय तेज धूप परेशानी बढ़ा सकती है। फिलहाल राज्य में व्यापक बारिश की संभावना कम बताई गई है।
मुंबई और उपनगरों में रविवार को अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। समुद्र के करीब होने के कारण हवा में नमी बनी रह सकती है। इससे तापमान के मुकाबले अधिक गर्मी महसूस हो सकती है। दोपहर में तेज धूप के कारण बाहर निकलने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। पर्याप्त पानी पीना और लंबे समय तक धूप में रहने से बचना फायदेमंद रहेगा।
पुणे शहर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मानसून की वापसी के बाद शहर में शुष्क मौसम बना हुआ है। पश्चिमी महाराष्ट्र के अन्य इलाकों में भी दिन के समय गर्मी महसूस हो सकती है। फिलहाल व्यापक बारिश के अनुकूल संकेत कमजोर हैं।
नागपुर में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह के समय तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया। सूर्योदय सुबह 5:52 बजे और सूर्यास्त शाम 5:33 बजे होगा। हवा में नमी का स्तर 93 प्रतिशत और वायुमंडलीय दबाव 1014 के आसपास बताया गया है।
नागपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 126 दर्ज किया गया है। PM 2.5 का स्तर 57 और PM 10 का स्तर 115 है। ऐसे में संवेदनशील लोगों को प्रदूषण के संपर्क में लंबे समय तक रहने से बचना चाहिए।
विदर्भ के कई इलाकों में मौसम गर्म और शुष्क रहने का अनुमान है। हाल के दिनों में क्षेत्र के कुछ शहरों में तापमान 35 से 39 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है। हालांकि नागपुर शहर के लिए उपलब्ध आंकड़ों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री बताया गया है। दोपहर या शाम को कुछ बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन व्यापक बारिश के संकेत नहीं हैं।
मानसून की विदाई के बाद बारिश पर निर्भर खेती और जल उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है। जिन इलाकों में वर्षा की कमी रही है, वहां किसानों को फसलों और सिंचाई की जरूरतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
आम लोगों को दोपहर में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए, पर्याप्त पानी पीना चाहिए और हल्के कपड़े पहनने चाहिए। मौसम संबंधी चेतावनियों और बदलावों के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक अपडेट देखते रहें।