महाराष्ट्र टीईटी छूट मांग शिक्षक, फोटो प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

महाराष्ट्र में TET को लेकर शिक्षकों में नाराजगी, वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों ने मांगी अनिवार्यता में राहत

Maharashtra Teachers Demand: महाराष्ट्र में TET की अनिवार्यता को लेकर सेवारत शिक्षकों का विरोध तेज हो गया है। शिक्षक महासंघ ने लंबे समय से पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए वैकल्पिक प्रशिक्षण की मांग की है।

रूपम सिंह

Maharashtra TET Mandatory Exemption Demand Teachers Protest: महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET को लेकर निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की नाराजगी बढ़ती जा रही है।

जुलाई में मुंबई के आजाद मैदान में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने प्रदर्शन कर लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता में राहत देने की मांग की थी। शिक्षकों का कहना है कि वर्षों का अध्यापन अनुभव रखने वाले शिक्षकों पर दोबारा पात्रता परीक्षा की शर्त लागू करने पर सरकार को राहत का विकल्प तलाशना चाहिए।

गैर-शैक्षणिक कामों से पढ़ाई प्रभावित होने का मुद्दा

शिक्षक संगठनों ने सरकार के सामने चुनाव और अन्य गैर-शैक्षणिक सरकारी कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने का मुद्दा भी उठाया है। संगठनों का कहना है कि ऐसी जिम्मेदारियों के कारण शिक्षकों का समय प्रभावित होता है और इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ा है मामला

TET की अनिवार्यता का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भी जुड़ा है। शीर्ष अदालत के 1 सितंबर 2025 के फैसले में TET को शिक्षक पद की न्यूनतम पात्रता से संबंधित किया गया था। इसके बाद महाराष्ट्र में भी TET को लेकर शिक्षकों के बीच चिंता बढ़ी है।

महाराष्ट्र में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, जिला परिषद स्कूलों के करीब 78 प्रतिशत शिक्षक TET उत्तीर्ण नहीं हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में सेवारत शिक्षकों के सामने निर्धारित अवधि में परीक्षा उत्तीर्ण करने की चुनौती है।

सरकार से वैकल्पिक प्रशिक्षण पर विचार की मांग

शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष अनिल बोरनारे ने कहा कि राज्य के निजी स्कूलों में ऐसे कई शिक्षक हैं, जो लंबे समय से अध्यापन कर रहे हैं लेकिन उन्होंने TET नहीं दिया है। उनके अनुसार, सरकार को इन शिक्षकों के लिए ऐसा विकल्प तलाशना चाहिए, जिससे उनके अनुभव का भी ध्यान रखा जा सके।

उन्होंने TET के समान मान्यता वाले किसी प्रशिक्षण विकल्प पर विचार करने की मांग की है। बोरनारे के मुताबिक, इससे लंबे समय से सेवा दे रहे गैर-TET शिक्षकों की समस्या को दूर करने में मदद मिल सकती है।

सरकार के सामने चुनौती

महाराष्ट्र में TET को लेकर सरकार की ओर से नियमों के अनुपालन पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, शिक्षक संगठन लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। ऐसे में परीक्षा की अनिवार्यता और अनुभवी शिक्षकों की सेवा से जुड़े मुद्दे के बीच संतुलन बनाने की मांग सामने आ रही है।

महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद की ओर से 2026 की महाराष्ट्र TET परीक्षा से संबंधित अधिसूचनाएं भी जारी की गई हैं।

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