Maharashtra Registration Department: नागरिकों को पंजीकरण और मुद्रांक विभाग की सेवाएं अधिक आसान, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने सेवाओं में बड़ा बदलाव किया है। विभाग की पहले से मौजूद 15 सेवाओं का पुनर्गठन कर अब उनकी संख्या 10 कर दी गई है।
इसके साथ ही, जिन सेवाओं में कानून के अनुसार प्रतिज्ञा पत्र जरूरी नहीं है, वहां अब प्रतिज्ञापत्र के बजाय स्वयं घोषणा पत्र स्वीकार किया जाएगा। इससे नागरिकों को अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत समान प्रकृति वाली (एक जैसी) सेवाओं को एक साथ जोड़ा गया है। दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां देने वाली तीन अलग-अलग सेवाओं को मिलाकर एक सेवा बनाई गई है। विवाह कानून के तहत उपलब्ध दो सेवाओं का भी एकीकरण किया गया है। विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी के प्रमाणीकरण और सीलबंद वसीयत का लिफाफा जमा करने जैसी कुछ सेवाएं समाप्त की जाएंगी।
नई व्यवस्था में डिजीलॉकर, आधार, पैन और भूमि अभिलेख जैसी सरकारी प्रणालियों को विभाग की व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इससे नागरिकों को बार-बार एक ही दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी। दस्तावेज पंजीकरण और सूचना पत्र दाखिल करने जैसी सेवाओं को एक दिन में पूरा करने की समयसीमा तय की गई है।
राजस्व मंत्री राजस्व चंद्रशेखर बावनकुले ने बाताया की विभाग के बदलावों के इन निर्णयों से प्रशासनिक स्तर पर मंजूरी के चरण कम होंगे और नागरिकों को घर बैठे एक ही मंच से त्वरित और पारदर्शी सेवा मिलेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गतिशील और लोकाभिमुख महाराष्ट्र के विजन में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।