Kunbi Certificate Controversy Chandrashekhar Bawankule: राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने साफ़ किया है कि सरकार या किसी मंत्री के निर्देश पर एक भी कुणबी प्रमाणपत्र रद्द नहीं किया गया है। जाति सत्यापन समितियां स्वतंत्र रूप से काम करती हैं और सरकार उनके कामकाज में दखल नहीं देती है। हाल ही में जरांगे पाटिल ने आरोप लगाया है किबावनकुले के निर्देश पर मराठों को दिए गए कुणबी प्रमाणपत्र रद्द किए जा रहे हैं।
यह विवाद कथित रूप से रेखा अंबुरे के कुणबी जाति प्रमाणपत्र रद्द करने को लेकर है। बीड के रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर की तरफ से पब्लिश एक लेटर में साफ किया गया है कि मनोज जरांगे पाटिल द्वारा मीडिया में लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री बावनकुले ने किसी भी कुणबी सर्टिफिकेट को रद्द करने का कोई निर्देश नहीं दिया है।
कुणबी जाति प्रमाणपत्र को लेकर मराठा समाज में जारी विवाद के बीच अब 10 प्रतिशत मराठा आरक्षण की वैधता पर फैसला भी टलने की आशंका पैदा हो गई है। महाराष्ट्र के एसईबीसी कानून-2024 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर मुंबई हाई कोर्ट में सुनवाई अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इसी बीच प्रभारी मुख्य न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे के कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति बनाए जाने की संभावना से सुनवाई फिर से प्रभावित होने के आसार है।
कुणबी प्रमाणपत्र रद्द करने के लिए दिए गए आदेश तत्काल वापस लिए जाएं और हुई गलती को सुधारा जाए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपने मंत्री की गलती स्वीकार करनी चाहिए, अन्यथा तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। यह चेतावनी मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल ने दी।
माजलगांव म्युनिसिपल काउंसिल की कॉर्पोरेटर रेखा अंबुरे-सरवड़े के कुनबी जाति सर्टिफिकेट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ऐसी खबरे थी कि बीड डिस्ट्रक्ट कास्ट सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन कमेटी ने उनके सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया है जाति वेरिफिकेशन कमेटी ने रेखा अंबुरे की वंशावली, स्कूल सर्टिफिकेट, रेवेन्यू रिकॉर्ड और दूसरे डॉक्यूमेंट्स की जांच की। दावा किया गया है कि उनके असली स्कूल रिकॉर्ड में कुनबी की कोई एंट्री नहीं है।
यह भी पता चला है कि कुप्पा के एक व्यक्त्ति के पुराने रिकॉर्ड को उनके कुनबी दावे का आधार बनाया गया था। इन डॉक्यूमेट्स में मिली गड़बड़ियों के आधार पर, डिस्ट्रक्ट जाति सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन कमेटी ने कुणबी-83 (अन्य पिछड़ा वर्ग) जाति सर्टिफिकेट को इनवैलिड घोषित कर दिया था।