शरद पवार-प्रियंका चतुर्वेदी-रामदास आठवले (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
मुंबई

राज्यसभा में महाराष्ट्र BJP की ताकत दोगुनी? शरद पवार समेत 7 दिग्गजों का टर्म खत्म, महायुति ने की फील्डिंग सेट!

Maharashtra Rajya Sabha Election 2026: महाराष्ट्र से राज्यसभा की 7 सीटों पर चुनाव! महायुति की 6 सीटों पर जीत तय, भाजपा बढ़ाएगी अपनी ताकत। इन बड़े नेताओं का कार्यकाल हो रहा समाप्त।

प्रिया जैस

BJP Mahayuti Strength: महाराष्ट्र में राज्यसभा की 7 सीटें जल्द ही रिक्त होने वाली हैं। इससे आगामी राज्य सभा चुनावों के बाद में राज्य का सियासी समीकरण पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। वर्तमान विधानसभा के संख्या बल को देखते हुए इस चुनाव में बीजेपी को स्पष्ट रूप से लाभ मिलेगा तो वहीं विपक्षी गठबंधन मविआ को बड़ा झटका लगना तय माना जा रहा है क्योंकि राज्य से चुने गए राज्यसभा के 7 सांसदों का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है।

सेवानिवृत्त होने वाले सांसदों में प्रमुख रूप से राकां के वरिष्ठ नेता शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, भाजपा के डॉ. भागवत कराड और धैर्यशील पाटिल, कांग्रेस की रजनी पाटिल, शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी और राकां शरद गुट की फौजिया खान शामिल हैं।

चुनाव के बाद बदले समीकरण

वर्ष 2020 में राज्य में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में मविआ की सरकार थी। राज्य में उस दौरान हुए राज्य सभा के चुनाव में विपक्षी गठबंधन मविआ ने चार सीटें जीती थीं लेकिन अब 2024 विधानसभा चुनावों के बाद अब समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं।

अब राज्य की सत्तारूढ़ महायुति में शामिल बीजेपी-131, शिंदे गुट 57 और राकां अजित गुट के 40 मिलाकर 228 विधायक हैं, जबकि महायुति को समर्थन देनेवाले निर्दलीय एवं अन्य छोटे दलों के विधायकों को मिलाने पर आंकड़ा 235 तक पहुंचता है। इससे महायुति की 6 सीटों पर जीत तय मानी जा रही है। संभावना है कि बीजेपी को 4, जबकि शिंदे और अजित पवार गुट को 1-1 सीट मिलेगी।

शिवसेना यूबीटी का शरद पवार को ऑफर

आगामी महीनों में संभावित राज्यसभा चुनावों में महाविकास आघाड़ी के पास अब केवल एक सीट जीतने लायक ही संख्या बल बचा है। अपने सियासी भविष्य को लेकर राकां के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने अभी तक कोई खुलासा नहीं किया है।

पवार ने पहले ये संकेत दिए थे कि वे राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद अगला निर्णय लेंगे लेकिन शिवसेना यूबीटी के सांसद व प्रवक्ता संजय राऊत ने कहा है कि पवार जैसे बड़े नेता का राज्यसभा में जाना राज्य के लिए बेहद जरूरी है। यदि बड़े पवार तैयार हों तो मविआ उन्हें राज्यसभा में भेजने पर विचार कर सकता है।

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