Sunetra Pawar Chief Minister Rumors: महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती विधानसभा उपचुनाव के प्रचार की शुरुआत के साथ ही एक नई बहस छिड़ गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नेता और मंत्री अदिति तटकरे द्वारा सुनेत्रा पवार को लेकर दिए गए एक बयान ने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज कर दी है। तटकरे ने एक सभा में भावुक होते हुए कहा था कि अजितदादा को मुख्यमंत्री के रूप में देखना हम सबका सपना था, जो अब सुनेत्रा पवार के माध्यम से पूरा हो सकता है।
तटकरे के इस बयान के बाद शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भाजपा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा तंज कसा।
संजय राउत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "अजितदादा मुख्यमंत्री नहीं बन पाए, लेकिन अगर भाजपा सुनेत्रा पवार को मुख्यमंत्री बनाने वाली है, तो यह भाजपा के मन का बड़प्पन होगा। मुझे तो ऐसा लग रहा है कि देवेंद्र फडणवीस दिल्ली जाने से पहले अपना वारिस एकनाथ शिंदे के बजाय सुनेत्रा पवार को चुनना चाहते हैं।" राउत ने आगे शरद पवार का जिक्र करते हुए कहा कि बारामती का अस्तित्व शरद पवार से है। उन्होंने चेतावनी दी कि चाहे अजित पवार हों या सुनेत्रा, आज वे राजनीति में जो कुछ भी हैं, वह शरद पवार के नाम की वजह से हैं।
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संजय राउत के इस बयान पर भाजपा के संकटमोचक माने जाने वाले मंत्री गिरीश महाजन ने करारा जवाब दिया। महाजन ने चुटकी लेते हुए कहा, "अगर सुनेत्रा पवार मुख्यमंत्री बनती हैं, तो हमारी उन्हें शुभकामनाएं हैं। संजय राउत के ऐसे बोलने से राजनीतिक माहौल नहीं गरमाता। यही संजय राउत पहले कह रहे थे कि उद्धव ठाकरे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, अब उनके दावों पर कौन यकीन करेगा?" महाजन ने स्पष्ट किया कि महायुति में नेतृत्व को लेकर कोई भ्रम नहीं है।
संजय राउत ने राजनीति में 'नाम' और 'विरासत' के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "हम ठाकरे नाम की वजह से आज यहाँ खड़े हैं, जो वैभव बालासाहेब ठाकरे ने दिया। वैसे ही बारामती में 'पवार' नाम का वलय शरद पवार ने बनाया है।" बारामती उपचुनाव अब केवल एक सीट की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि यह 'पवार बनाम पवार' की विरासत और भविष्य के मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षाओं का केंद्र बन गया है। 23 अप्रैल 2026 को होने वाला मतदान यह तय करेगा कि बारामती की जनता किस 'पवार' पर भरोसा जताती है।