Maharashtra Auto Taxi Marathi Rule: मुंबई और एमएमआर समेत महाराष्ट्र भर में यात्री परिवहन करने वाले व्यावसायिक वाहनों के चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किए जाने के बाद परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने गैर-मराठी भाषी ऑटो-टैक्सी चालकों को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि आज यानी 15 अगस्त मराठी सीखने की अंतिम समय सीमा है। इसके बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
18 अगस्त से नियमों का पालन नहीं करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू होगी। इससे मुंबई और महामुंबई में रहने वाले लाखों ऑटो-टैक्सी चालकों की परेशानी बढ़ जाएगी। वहीं, मंत्री सरनाईक के बयान के बाद मुंबई ऑटोरिक्शा-टैक्सीमेन्स यूनियन के अध्यक्ष शशांक राव ने परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर चालकों को मराठी सीखने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय देने की मांग की है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि मोटर वाहन संशोधन नियम 2026 के तहत महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 में बदलाव किए गए हैं। इनमें ऑटो, टैक्सी, इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली ऐप-आधारित मोटर कैब के चालकों और परमिटधारकों के लिए व्यावहारिक मराठी ज्ञान की शर्त स्पष्ट की गई है। नियम 22 में बदलाव कर पेप-आधारित इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली मोटर कैब के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। परमिट नवीनीकरण के समय परमिटधारक के लिए मराठी का ज्ञान आवश्यक होगा। सरनाईक ने कहा कि यह नियम 1989 से लागू है और इसे 36 वर्ष हो चुके
है, ऐसे में अब एक या सौ दिन की अतिरिक्त मोहलत देने का सवाल नहीं उठता। उन्होंने बताया कि 1 मई से पहले कुछ ऑटो-टैक्सी संगठनों के प्रतिनिधियों ने तीन महीने की मोहलत मांगी थी, जिस पर उन्हें करीब साढ़े तीन महीने का समय दिया गया था। अब दोबारा कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा। 15 अगस्त अंतिम समयसीमा है, 17 अगस्त को इसका समापन होगा और 18 अगस्त से कार्रवाई शुरू होगी। दूसरी ओर महामुंबई क्षेत्र में करीब 5.5 लाख ऑटो-टैक्सी चालक, जबकि पूरे महाराष्ट्र में 15 लाख से अधिक बालक हैं। इनमें लगभग 60 से 70 प्रतिशत गैर-मराठी भाषी है। प्रत्येक चालक को प्रशिक्षण के लिए कम से कम 3 से 4 सप्ताह की जरूरत होती है।
पहले चालक को नोटिस दिया जाएगा।
चालक का लाइसेंस अधिकतम 3 महीने तक निलंबित किया जा सकेगा।
नियमों का लगातार उल्लंघन होने पर चालक का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बाताया की जो मराठी भाषा नहीं सीखेंगे, जो उदंड या अहंकारी रवैया अपनाएंगे और महाराष्ट्र में रहकर, यहां व्यवसाय करके और पैसा कमाकर स्थानीय भाषा का अपमान करने की भूमिका रखेंगे, उन्हें 18 अगस्त से कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
मुंबई ऑटोरिक्शा टैक्सीमेन्स यूनियन शशांक राव ने बाताया की तत्काल कार्रवाई शुरू होने पर बड़ी संख्या में चालकों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। ऐसे में प्रशिक्षण के लिए अतिरिक्त तीन महीने का समय, प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाने और इस अवधि में कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए है। साथ ही तीन महीने बाद भी पूरे राज्य में प्रशिक्षण केंद्र स्थायी रूप से जारी रखने का अनुरोध है।
टैक्सी चालक नंदलाल पांडेय ने बाताया की मराठी सीखने की शर्त थोपकर सरकार ने पहले से ही आर्थिक परेशानी झेल रहे टैक्सी-रिक्शा चालकों की मुश्किलें और बढ़ा दी है, भाषा का सम्मान 66 जरूरी है, लेकिन रोजगार पर असर डालने वाले ऐसे सख्त प्रावधानों के बजाय सरकार को व्यावहारिक और आसान व्यवस्था बनानी चाहिए।
मुंबई रिक्शाचालक ओमप्रकाश यादव ने बाताया की मराठी का ज्ञान जरूरी हो सकता है, लेकिन इसे लाइसेंस निलंबन और रद्द करने से जोड़ना टैक्सी-रिक्शा चालकों पर अनावश्यक दबाव है। सरकार को नियम थोपने के बजाय आसान समाधान देना चाहिए।