मराठा आरक्षण कुणबी रिकॉर्ड , राधाकृष्ण विखे पाटिल  सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

महाराष्ट्र: 58 लाख कुणबी रिकॉर्ड होंगे सार्वजनिक, मराठा आरक्षण पर विखे पाटिल का बड़ा बयान, 10 सितंबर से शिविर

Maharashtra Kunbi Records Disclosure: महाराष्ट्र सरकार 58 लाख कुणबी रिकॉर्ड सार्वजनिक करेगी। 10 से 17 सितंबर तक विशेष शिविर लगाकर पात्र लाभार्थियों को कुणबी प्रमाण पत्र देने के निर्देश दिए गए हैं।

रूपम सिंह

Maratha Reservation Kunbi Records: मराठा आरक्षण आंदोलन की तपिश कायम रहने के बीच सरकार ने आरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी है। सरकार ने बातचीत के दरवाजे खुले रखने के साथ ही कानूनी दायरे से बाहर जाकर कोई निर्णय नहीं लेने के संकेत दिए हैं। इस बीच सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति शिंदे समिति द्वारा खोजे गए 58 लाख कुणबी रिकॉर्ड ग्राम पंचायत स्तर पर सार्वजनिक करने का निर्णय लिया गया है।

10 से 17 सितंबर के दौरान जिलानुसार विशेष शिविर आयोजित कर पात्र लाभार्थियों को कुणबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं। आरक्षण उपसमिति के अध्यक्ष तथा जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने यह जानकारी दी। मराठवाड़ा के संभाजीनगर, धाराशिव, बीड, परभणी, हिंगोली, लातूर और जालना जिलों के जिलाधिकारियों तथा प्रांताधिकारियों की बैठक विखे पाटील की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिलानुसार कुणबी रिकॉर्ड, जाति प्रमाणपत्र, जाति सत्यापन और प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई।

कानून से बड़ा कोई नहीं: विखे पाटिल

राधाकृष्ण विखे पाटिल, अध्यक्ष, आरक्षण उपसमिति तथा मंत्री ने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं है, वंशावली और कानूनी नियमों की पूर्ति होने के बाद ही प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

साथ ही मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे की मांगों पर सरकार बातचीत के लिए तैयार है। सरकार की भूमिका है कि अन्य किसी समाज के आरक्षण को प्रभावित किए बिना मराठा समाज को आरक्षण दिया जाए।

पात्र लोगों को ही मिलेगा प्रमाणपत्र

विखे पाटील ने बताया कि मराठवाड़ा में अब तक 3.5 लाख कुणबी प्रमाणपत्र वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रमाणपत्र जारी करने में किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव या हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वंशावली और कानूनी मानदंडों को पूरा करने वाले पात्र व्यक्तियों को ही प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

परभणी जिला प्रशासन ने उपलब्ध रिकॉर्ड अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिए हैं। इसी तर्ज पर अन्य जिलों को भी कुणबी रिकॉर्ड सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए हैं।

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