महाराष्ट्र मंत्रालय (फोटो नवभारत)
मुंबई

महाराष्ट्र मंत्रालय में मुख्य सचिव के आदेश की अनदेखी? 150 कर्मचारी अब भी मंत्रियों के कार्यालयों में तैनात

Maharashtra Mantralaya Deputation Employees: महाराष्ट्र मंत्रालय में प्रतिनियुक्ति और मौखिक आदेश पर तैनात करीब 150 अधिकारी-कर्मचारियों की अब तक मूल विभागों में वापसी नहीं हुई है।

आलोक उमाकृष्ण

Maharashtra Mantralaya Chief Secretary Order: राज्य मंत्रालय में मौखिक आदेश और प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत 620 में से करीब 150 अधिकारी-कर्मचारी मुख्य सचिव के सख्त आदेश के बावजूद अब तक मंत्रियों के कार्यालयों में जमे हुए हैं।

मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने 25 अगस्त को इन सभी कर्मचारियों को उनके मूल विभागों में वापस भेजने का स्पष्ट निर्देश दिया था।

हालांकि, एक महीने का लंबा समय बीत जाने के बाद भी इस आदेश का पूरी तरह से पालन नहीं हो सका है, जिससे प्रशासनिक अमले में नियमों के अनुपालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

शिंदे कार्यालय में 18 पद खाली

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय के लिए स्वीकृत कुल 72 पदों में से 18 पद अब भी खाली पड़े हैं। ऐसी स्थिति में, कार्य संचालन की अस्थायी व्यवस्था के तहत दूसरे विभिन्न विभागों से लिए गए 30 कर्मचारियों को वापस भेजने से उनके कार्यालय ने साफ इनकार कर दिया है। इस प्रकार प्रशासनिक नियमों की अनदेखी किए जाने से प्रशासनिक अनुशासन पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।

अन्य मंत्रियों के कार्यालयों में भी कई पद खाली पड़े हैं

दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के कार्यालय में केवल 2 अतिरिक्त कर्मचारी ही कार्यरत पाए गए में केवल? अतिरिक्त कर्मचारी हैं। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर के कार्यालय के लिए मात्र 16 पद ही स्वीकृत किए गए थे।

लेकिन वहां करीब 70 अधिकारी और कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे थे, जिन्हें हालांकि अब वापस भेजे जाने की जानकारी सामने आ रही है। निर्धारित नीति और नियमों के अनुसार केवल पात्र अधिकारियों को ही उचित रूप से समायोजित किया जाएगा, जबकि बाकी अन्य सभी कर्मचारियों को उनके मूल विभागों में लौटना ही होगा।

आदेश के पालन पर प्रशासन के अगले कदम पर नजर

मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल के स्पष्ट निर्देश के बावजूद यदि संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की मूल विभागों में वापसी पूरी नहीं हुई है, तो अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं। आदेश का पालन नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से इस संबंध में जवाब मांगा जा सकता है।

साथ ही, नियमों की अनदेखी सामने आने पर प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई भी संभव है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।

FCRA संशोधन बिल पर जेपीसी की दूसरी बैठक कल! गृह और कानून मंत्रालय के अधिकारी देंगे क्लॉज-वाइज जानकारी

दस घंटे की मेहनत पर फिरा पानी! फरीदाबाद में 200 फीट गहरे बोरवेल से रेस्क्यू के बाद 3 साल की नेहा की मौत

Tamil Nadu Gold Ring Scheme: नवजातों को 1gm सोने की अंगूठी, लेकिन मदुरै से ही शुरुआत क्यों? जानिए मामा कनेक्शन

आसमान की तरफ खिंचता दिखा नदी का पानी! समस्तीपुर में बना दुर्लभ जल बवंडर, देखें वायरल Video और जानें साइंस

IMD Weather Alert: उत्तराखंड में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का खतरा, अंडमान में ऑरेंज अलर्ट, चार धाम यात्रा रुकी