BJP State President Ravindra Chavan Statement : महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों ने महायुति के पक्ष में एक स्पष्ट और निर्णायक जनादेश दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के अनुसार, जनता ने विपक्ष के 'झूठे प्रचार' को पूरी तरह नकारते हुए विकास को चुना है। अब गठबंधन का अगला लक्ष्य मुंबई नगर निगम (बीएमसी) फतह करना है।
महाराष्ट्र में रविवार को स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने पार्टी की निर्णायक जीत का ऐलान किया। उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने राज्य की 288 में से 250 से अधिक परिषदों, नगर पंचायतों और नगर परिषदों में बड़ी जीत हासिल की है। इस गठबंधन में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। इस चुनावी प्रदर्शन में भाजपा का दबदबा विशेष रूप से देखने को मिला है। चव्हाण के अनुसार, भाजपा के उम्मीदवारों ने 236 में से 134 पार्षद अध्यक्ष पदों पर कब्जा जमाया है और 3,000 से अधिक पार्षद सीटों पर जीत दर्ज की है। भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने इस जीत को विपक्ष के नकारात्मक प्रचार के अंत के रूप में पेश किया।
रवींद्र चव्हाण ने विपक्षी गठबंधन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि मतदाताओं ने उनके 'झूठे प्रचार' और आरोपों की पोल खोल दी है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि ठाकरे ने खुद स्वीकार किया था कि उनके पास जनता को देने के लिए कुछ नहीं था, और यही उनकी हार का मुख्य कारण बना।
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चव्हाण ने यह भी रेखांकित किया कि विपक्ष की स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि वे विधानसभा अध्यक्ष पद के चुनाव में भी दो अंकों में जीत हासिल नहीं कर पाए। उनके अनुसार, नगर परिषद और पंचायत चुनावों के नतीजों ने साबित कर दिया है कि जनता अब विकास की राजनीति के साथ है और विपक्षी दावों में कोई दम नहीं बचा है।
स्थानीय निकाय चुनावों में मिली इस भारी सफलता के बाद महायुति का पूरा ध्यान अब देश की सबसे समृद्ध नगर पालिका, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) पर टिक गया है। चव्हाण ने घोषणा की कि 15 जनवरी को मुंबई सहित 28 अन्य नगर निगमों के चुनाव होंगे, जिसकी मतगणना 16 जनवरी को की जाएगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस तरह राज्य के अन्य हिस्सों में मतदाताओं ने विपक्ष को नकारा है, उसी तरह मुंबई की जनता भी आगामी बीएमसी चुनावों में महायुति पर अपना भरोसा जताएगी। यह जीत न केवल आगामी निगम चुनावों के लिए महायुति का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि मुंबई की राजनीति में भी एक नया समीकरण तैयार करेगी।