Maharashtra Legislative Council Deputy Chairperson Election: महाराष्ट्र की राजनीति में जारी मानसून सत्र के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। विधान परिषद के उपसभापति पद के चुनाव को लेकर फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मानसून सत्र में उपसभापति पद के लिए चुनाव नहीं कराए जाएंगे।
इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति के लिए चुनाव कराने के बजाय, सरकार ने एक दिवसीय विशेष सेशन बुलाकर फैसला लेने की रणनीति बनाई है। यह सीट शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के कोटे में आती है, और इसी को लेकर सत्ता के गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।
उपसभापति पद के लिए एक बार फिर नीलम गोरहे का नाम सबसे आगे चल रहा है। हाल ही में उनका विधान परिषद का कार्यकाल समाप्त हुआ था, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, पार्टी के भीतर उनके नाम को लेकर एकमात्र सहमति नहीं है। जानकारी के अनुसार, नंदुरबार से विधान परिषद सदस्य चंद्रकांत रघुवंशी और बच्चू कडू के नामों पर भी इस पद के लिए विचार किया जा रहा है।
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राज्य में यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब महाराष्ट्र की राजनीति में काफी उथल-पुथल मची हुई है। हाल ही में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में एक और बड़ी टूट हुई है, जिसमें उनके छह सांसदों ने बगावत कर दी है।
दूसरी ओर, मानसून सत्र में विपक्ष पूरी तरह हमलावर नजर आ रहा है। विपक्षी दल किसानों की कर्ज माफी, खेती में हुए नुकसान, बारिश की कमी और बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन्हीं तमाम समीकरणों और पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार ने फिलहाल चुनाव को टालकर विशेष सत्र के जरिए निर्णय लेने का रास्ता चुना है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नीलम गोरहे दोबारा इस पद पर कब्जा करने में सफल होती हैं या शिवसेना के कोटे से कोई नया चेहरा सामने आता है।