होटलों में अब मुफ्त मिलेगा पानी! FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने जारी की सख्त गाइडलाइंस, जानें नए नियम

Tukaram Mundhe Hotel Guidelines: महाराष्ट्र में होटल और रेस्टोरेंट में अब ग्राहकों को मुफ्त पीने का पानी मिलेगा। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने स्वच्छता और किचन को लेकर भी कड़े आदेश जारी किए हैं।
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तुकाराम मुंढे के आदेश (सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Free Drinking Water In Hotels: महाराष्ट्र के प्रशासनिक गलियारों में सिंघम के नाम से मशहूर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे एक बार फिर अपने कड़े तेवरों और जनहित के फैसलों को लेकर चर्चा में हैं। वर्तमान में राज्य के फूड ॲण्ड ड्रग ॲडमिनीस्ट्रेशन के आयुक्त के रूप में कमान संभाल रहे मुंढे ने राज्य के होटल मालिकों और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए ऐसे आदेश जारी किए हैं, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलने वाली है।

अपनी बेबाक कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले तुकाराम मुंढे ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि होटलों और भोजनालयों ने नियमों का पालन किया, तो उन्हें डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन यदि लापरवाही बरती गई, तो उन्हें कोई बचा नहीं पाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में सुरक्षित अन्न, निरोगी महाराष्ट्र अभियान के तहत नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मुफ्त पानी और स्वच्छता पर बड़ा आदेश

मुंढे के नए आदेश के अनुसार, अब महाराष्ट्र के हर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे को ग्राहकों को पीने योग्य और सुरक्षित पानी मुफ्त उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। अक्सर देखा जाता है कि होटल में बैठते ही वेटर टेबल पर सीधे प्लास्टिक की सीलबंद पानी की बोतलें रख देते हैं, जिसके लिए ग्राहकों को अतिरिक्त पैसे चुकाने पड़ते हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। मुंढे ने आदेश दिया है कि

  • होटल संचालकों को ग्राहकों के सामने सीधे पानी की बोतलें नहीं रखनी चाहिए।
  • होटल के बाहर या भीतर स्पष्ट रूप से एक बोर्ड लगाना होगा कि यहाँ मुफ्त पीने का पानी उपलब्ध है।
  • बोतलबंद पानी तभी दिया जाए जब ग्राहक उसकी अलग से मांग करे।
  • ग्राहकों के लिए सुरक्षित पानी, हैंडवॉश, साबुन और साफ टॉवेल उपलब्ध कराना भी अब बंधनकारक होगा।

किचन के लिए 'सख्त' गाइडलाइंस

मुंढे की नजर सिर्फ डाइनिंग एरिया पर ही नहीं, बल्कि होटलों के किचन पर भी है। उन्होंने किचन की स्वच्छता के लिए कड़े मानक तय किए हैं:

  • किचन की दीवारें और फर्श वॉशेबल टाइल्स के होने चाहिए ताकि गंदगी न जमे।
  • किचन में हवा की आवाजाही के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन और एग्जॉस्ट की व्यवस्था अनिवार्य है।
  • कच्चे माल और खाना पकाने के लिए अलग-अलग सेक्शन होने चाहिए। साथ ही शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को भी अलग-अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं।
  • अन्न उत्पादन के स्थान पर कीड़े, कॉकरोच, छिपकली या चूहों का कोई नामोनिशान नहीं होना चाहिए। इसके लिए नियमित पेस्ट कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक फ्लाई ट्रैप लगाना जरूरी होगा।

250 करोड़ की 'लॉबिंग' और विवाद

तुकाराम मुंढे जहां भी जाते हैं, वहां विवाद और चर्चाएं उनका पीछा नहीं छोड़तीं। महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधायक जितेंद्र आव्हाड ने एक सनसनीखेज दावा किया कि मुंढे के तबादले के लिए इंटरनेशनल ड्रग लॉबी ने 250 करोड़ रुपये इकट्ठा किए हैं। हालांकि, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तुकाराम मुंढे ने सहजता से कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि हाल ही में उन्हें पालक सचिव के पद से महज चार महीने के भीतर हटा दिया गया था, जिसे उनके काम करने के सख्त अंदाज से जोड़कर देखा जा रहा है।

तुकाराम मुंढे के इन फैसलों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे चाहे किसी भी विभाग में हों, उनके लिए जनहित और नियम सबसे ऊपर हैं। अब देखना यह है कि राज्य के होटल संचालक इन सख्त नियमों को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

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