Maharashtra Government Hospital: अब गुजराती संगठन राज्य के अस्पतालों में धर्मशालाएं स्थापित करेंगे। गौरतलब है कि करोड़ों रुपये की जमीनें किराए पर दी जाएंगी। राज्य के छह प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के परिसरों में धर्मशालाएं और विश्राम गृह स्थापित करने की जिम्मेदारी गुजरात सेवादान आरोग्य फाउंडेशन को सौंपी गई है।
इस संबंध में सरकारी निर्णय राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया है। इस निर्णय के अनुसार, करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि संबंधित संस्थान को मात्र एक रुपये प्रति वर्ष के नाममात्र पट्टे पर 49 वर्षों की अवधि के लिए धर्मशाला स्थापित करने हेतु उपलब्ध कराई जाएगी।
अहमदाबाद स्थित हर्षद शाह और मोहित शाह के सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के माध्यम से इन सभी स्थानों पर धर्मशालाएं स्थापित की जाएंगी। सरकार के निर्णय के अनुसार, इन धर्मशालाओं में आवास और अन्य सुविधाएं केवल सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों के लिए ही उपलब्ध होंगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस स्थान का उपयोग किसी भी प्रकार के वाणिज्यिक, व्यावसायिक या निजी उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता है।
प्रत्येक परियोजना के लिए संबंधित जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक संयुक्त प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति परियोजना की प्रगति, सुविधाओं, शुल्को, शिकायत निवारण, अग्नि सुरक्षा, संरचनात्मक सुरक्षा और सरकारी नियमों के अनुपालन की नियमित रूप से निगरानी करेगी।
अनुबंध समाप्ति के बाद सरकार को सौपेंगे भवन सरकार ने यह शर्त भी लगाई है कि अनुबंध की अवधि समाप्त होने के बाद या अनुबंध रद्द होने की स्थिति में, धर्मशाला भवन, सभी बुनियादी ढांचा और संबंधित संपत्तियां बिना किसी मुआवजे के राज्य सरकार को हस्तांतरित करनी होंगी।
इससे पहले, सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के माध्यम से गुजरात, उत्तर प्रदेश, असम, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान राज्यों के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए धर्मशालाएं और विश्राम गृह स्थापित किए गए थे।
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धर्मशालाओं के निर्माण, धन जुटाने, साज-सज्जा, संचालन, रखरखाव, स्वच्छता, सुरक्षा, मानव संसाधन बीमा और आवश्यक सरकारी परमिट प्राप्त करने की संपूर्ण जिम्मेदारी सेवादान आरोग्य फाउंडेशन की होगी। संगठन को सभी आवश्यक परमिट प्राप्त होने के दो वर्षों के भीतर धर्मशालाओं का निर्माण पूरा करके उन्हें चालू करना होगा।