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महाराष्ट्र की महायुति सरकार में वित्त विभाग की जिम्मेदारी को लेकर राजनीतिक अटकलें बढ़ गई हैं।
NCP (अजित पवार गुट) वित्त मंत्रालय को लेकर पहले हुई चर्चा के आधार पर अपना दावा जता रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार, इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है और चर्चा के जरिए समाधान निकाला जाएगा।
Maharashtra Government Politics: राज्य की महायुति सरकार में वित्त मंत्रालय को लेकर फिर से सियासी घमासान तेज होने की अटकलें जोर पकड़ रही हैं। सरकार में वित्त मंत्रालय राकां (अजीत पवार) को मिला था लेकिन विमान हादसे में अजीत के निधन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वित्त विभाग की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली थी।
हालांकि राकां वित्त मंत्रालय पर लगातार अपना दावा ठोंकती रही है लेकिन उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने गठबंधन में किसी भी तरह के मतभेद की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि महायुति पूरी तरह एकजुट है।
एनसीपी नेता प्रफुल पटेल ने कहा कि नेताओं के जिम्मेदारियों का आवंटन पहले ही चर्चा में तय हो गया था और तत्कालीन परिस्थितियों के कारण अस्थाई व्यवस्था की गई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री पूर्व में हुई चर्चा के अनुसार ही निर्णय लेंगे। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद संक्षिप्त शब्दों में कहा कि इस मुद्दे पर आपस में बातचीत चल रही है और वे चर्चा के जरिए समाधान निकाल लेंगे।
नांदेड़ में आयोजित प्रचार सभा में सुनेत्रा पवार ने अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा कि महायुति के घटक दलों में कोई विवाद नहीं है। कुछ लोग भ्रामक बातें फैलाने में माहिर हैं। राजनीति में अलग विचारधाराएं और गलतफहमियां हो सकती हैं, जिन्हें बातचीत से दूर किया जाना चाहिए। महायुति की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
इस खींचतान के बीच राकां (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि अजीत के निधन के बाद भाजपा ने वित्त मंत्रालय अपने पास रख लिया है और वह इसे कभी भी राकां को वापस नहीं लौटाएगी।