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शिवा शर्मा की मौत के मामले में DCP विक्रांत वीर को पद से हटाकर DGP मुख्यालय अटैच किया गया।
इससे पहले हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया था।
परिवार ने श्रद्धा दुबे समेत कई लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि श्रद्धा ने आरोपों को खारिज किया है।
Shiva Sharma Death Case Lucknow: लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब पुलिस विभाग तक हलचल बढ़ा दी है। मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ते हुए डीसीपी सेंट्रल जोन विक्रांत वीर तक पहुंच गया है।
उन्हें मौजूदा जिम्मेदारी से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। इससे पहले हजरतगंज थाने के प्रभारी विक्रम सिंह पर भी गाज गिरी थी। दूसरी ओर, शिवा के परिजनों के आरोपों के बाद दर्ज हत्या के मुकदमे में नामजद लोगों की तलाश जारी है। मामले में आरोपी बनाई गई श्रद्धा दुबे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए डीसीपी सेंट्रल जोन विक्रांत वीर को पद से हटा दिया है। उन्हें डीजीपी मुख्यालय से अटैच किया गया है। इससे पहले हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया था।
अधिकारियों पर हुई इस कार्रवाई के बीच पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। साथ ही, फरार बताए जा रहे आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की विस्तृत वजह स्पष्ट नहीं की गई है।
यह मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी में लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट से जुड़ा है। कारोबारी शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर को इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शुरुआत में घटना को हादसे के तौर पर देखा गया, लेकिन बाद में परिवार ने इस पर सवाल उठाए।
शिवा के परिजनों ने उनकी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे और उससे जुड़े कुछ लोगों पर मारपीट करने तथा हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत से पहले लगी गंभीर चोटों का उल्लेख होने की बात भी सामने आई है।
इस मामले में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तीन आरोपियों पर पहले 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
वहीं, श्रद्धा दुबे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। ऐसे में मामले में लगाए गए आरोपों और जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर करना जरूरी है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद जांच पर भी नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब होती है। फिलहाल परिवार के आरोपों, पुलिस की जांच और आरोपियों के पक्ष को ध्यान में रखते हुए मामले की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।