चंद्रशेखर बावनकुले (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
मुंबई

आपके काम की खबर: महाराष्ट्र में आधार से बने बर्थ सर्टिफिकेट रद्द करने के आदेश, पढ़िए गाइडलाइंस

Aadhaar-Based Birth Certificates Cancelled: महाराष्ट्र में आधार के आधार पर बने सभी जन्म प्रमाण पत्र रद्द; सरकार ने फर्जी बर्थ-डेथ सर्टिफिकेट रोकने के लिए FIR व कड़ी निगरानी के आदेश दिए।

प्रिया जैस

Maharashtra Aadhaar Verification Guidelines: प्रदेश में आधार के जरिए बने सभी जन्म प्रमाण पत्र रद्द किए जाएंगे। गैर-कानूनी कामों के लिए इस्तेमाल होने वाले नकली बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट की समस्या को रोकने के लिए सरकार का यह बड़ा कदम माना जा रहा है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार को सिर्फ आधार कार्ड के आधार पर जारी किए गए सभी संदिग्ध सर्टिफिकेट को तुरंत कैंसिल करने का आदेश दिए हैं। इसके साथ अधिकारियों को तत्काल एफआईआर करने का निर्देश दिया।

प्रशासन को गाइड लाइन जारी

रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने सभी तहसीलदारों, सब-डिविजनल ऑफिसर्स, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और डिविजनल कमिश्नरों को 16-पॉइंट की एक वेरिफिकेशन गाइडलाइन जारी की गई है। गृह एवं राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद जारी किए गए इस सर्कुलर में साफ कहा गया है कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक, आधार कार्ड को जन्म की तारीख या जन्म स्थान के अकेले सबूत के तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

अकोला, अमरावती समेत 14 जिलों में विशेष निगरानी

ऐसे गलत कामों के लिए ‘हॉटस्पॉट’ के तौर पर पहचाने गए 14 जिलों पर कड़ी नज़र रखी गई है। इनमें अमरावती, अकोला, सिल्लोड, संभाजीनगर (छत्रपति संभाजीनगर) शहर, लातूर, अंजनगांव सुरजी, अचलपुर, पुसद, परभणी, बीड, गेवराई, जालना, अर्धापुर और परली शामिल हैं।ॉ

सरकार के इस कदम को लेकर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि फर्जी जन्म और मृत्यु सर्टिफिकेट का गलत इस्तेमाल सरकारी फायदे हड़पने, ज़मीन पर कब्ज़ा करने और यहां तक ​​कि नेशनल सिक्योरिटी को खतरे में डालने के लिए किया जा रहा है। हम ऐसे रैकेट को बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऐसे बेनिफिशियरी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

11 अगस्त 2023 के बदलाव के बाद नायब तहसीलदारों द्वारा जारी किए गए सभी जन्म/मृत्यु रजिस्ट्रेशन ऑर्डर तुरंत वापस ले लिए जाएंगे और कैंसल कर दिए जाएंगे।

सरकार ने दिए ये आदेश

  • सिर्फ़ आधार कार्ड को सबूत के तौर पर लेकर जारी किए गए सर्टिफिकेट को खराब मानकर कैंसल कर दिया जाएगा।
  • एप्लीकेशन डिटेल्स और आधार डेट ऑफ़ बर्थ में अंतर होने पर एप्लीकेंट के ख़िलाफ़ तुरंत एफआईआर दर्ज कराएं।
  • जो लोग ओरिजिनल नकली सर्टिफिकेट जमा नहीं कर पाते हैं या जिनका पता नहीं चल पाता है, उन्हें 'फरार' घोषित कर दिया जाए और उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की जाए।
  • डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और डिविजनल कमिश्नर अपनी सीधी निगरानी में स्पेशल वेरिफिकेशन कैंप लगाएंगे।

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