Maharashtra Drought Relief Measures: कम बारिश और सूखे के संकट से जूझ रहे राज्य के 265 तालुकों के किसानों, खेत मजदूरों, छात्रों और पशुपालकों के लिए सरकार ने राहत का बड़ा कदम उठाया है।
राज्य सरकार ने सूखा प्रबंधन संहिता, 2016 के तहत ट्रिगर' लागू करते हुए GR जारी किया है और प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत 12 प्रमुख राहत उपाय व सुविधाएं लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।
राज्य में जून महीने से लेकर अब तक बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है। इसी स्थिति को देखते हुए 6 राजस्व विभागों के अंतर्गत आने वाले 265 तालुकों में ट्रिगर1 लागू कर दिया गया है। सरकार ने संबंधित जिलाधिकारियों, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और अन्य एजेंसियों को संवेदनशीलता के साथ आपसी समन्वय से काम करने और तत्काल फसलों के पंचनामे की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।
फसलों के नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए खेतों में जाकर फसलों की तस्वीरें और जीपीएस निर्देशांक एकत्र किए जाएंगे, जिसके आधार पर फसल स्थिति मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार होगी। फसल क्षति सहायता के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक अलग शासकीय निर्णय के माध्यम से वित्तीय मदद की घोषणा की जाएगी।
सूखा प्रभावित 265 तालुकों में नागरिकों, विद्यार्थियों और किसानों को तात्कालिक राहत पहुंचाने के लिए निम्नलिखित 12 महत्वपूर्ण उपाय योजनाएं और रियायतें लागू की गई हैं।
जमीन राजस्व में छूट: प्रभावित क्षेत्रों में भूमि राजस्व में विशेष रियायत दी जाएगी।
फसल ऋण का पुनर्गठन: किसानों द्वारा लिए गए फसल ऋणों का पुनर्गठन किया जाएगा।
कृषि ऋण वसूली पर रोक: कृषि से संबंधित ऋणों की वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
बिजली बिलों में रियायत: कृषि पंपों के चालू बिजली बिलों में रियायत प्रदान की जाएगी। उल्लेखनीय है कि 7.5 HP तक के कृषि पंपों के बिजली बिल पहले ही माफ किए जा चुके हैं; यह रियायत उससे अधिक क्षमता वाले पंपों पर लागू होगी।
छात्रों की परीक्षा फीस माफ: सूखा प्रभावित क्षेत्रों के स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस पूरी तरह माफ की जाएगी।
मनरेगा के नियमों में ढील: ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत अधिक से अधिक काम शुरू करने के लिए मानकों व नियमों में ढील दी गई है, ताकि मजदूरों को तत्काल रोजगार मिल सके।
पेयजल के लिए टैंकर व्यवस्था: जहां भी आवश्यकता होगी, वहां पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए जल टैंकरों का उपयोग किया जाएगा।
बिजली कनेक्शन नहीं कटेंगे: पानी की किल्लत वाले घोषित गांवों में किसानों के कृषि पंपों के बिजली कनेक्शन किसी भी स्थिति में काटे नहीं जाएंगे।
खाद्यान्न की पर्याप्त आपूर्ति: खेती पर निर्भर किसानों और कृषि मजदूरों के लिए अनाज की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी ताकि भोजन की कोई कमी न हो।
पशुधन के लिए चारे की व्यवस्था: मवेशियों और पशुधन को बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध कराया जाएगा।
जल संरक्षण के कार्य: पानी की बचत और जल स्तर में सुधार के लिए जल संरक्षण के कार्य बड़े पैमाने पर शुरू किए जाएंगे।
पेयजल व पशुओं के पानी का नियोजन: पूर्व में जारी शासकीय निर्णयों के अनुसार पीने के पानी और मवेशियों के पानी की व्यापक योजना बनाई जाएगी।
महाराष्ट्र राज्य के जिन 265 तालुकों में ट्रिगर1 के तहत ये राहत उपाय लागू किए जा रहे हैं, उनमें 6 प्रमुख राजस्व विभागों के तालुका शामिल हैं।
ठाणे राजस्व विभाग: 12 तालुका
नासिक राजस्व विभाग: 49 तालुका
पुणे राजस्व विभाग: 35 तालुका
छत्रपति संभाजीनगर राजस्व विभाग: 74 तालुका
अमरावती राजस्व विभाग: 56 तालुका
नागपुर राजस्व विभाग: 39 तालुका
सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि सूखे की इस कठिन परिस्थिति में किसान, कृषि मजदूर और आम जनता अकेले न रहें और उन्हें समय रहते सभी आवश्यक सुविधाएं और रियायतें उपलब्ध हो सकें।