किसानों के लिए सरकारी खजाना, केंद्र की मदद का इंतजार नहीं सोर्स: सोशल मीडिया
मुंबई

सरकारी तिजोरी पर किसानों का पहला हक! 265 तालुकाओं में सूखा घोषित;महाराष्ट्र सरकार केंद्र की मदद बिना देगी राहत

Mumbai Maharashtra Drought Farmer Relief : राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने पर पहला अधिकार किसानों का है। 265 तालुकाओं में सूखा घोषित, केंद्र की मदद का इंतजार किए बिना राहत देने की तैयारी।

मनीषा बोंदरे

Mumbai Maharashtra Drought Chandrashekhar Bawankule: राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकारी खजाने पर पहला अधिकार किसानों का है।

महाराष्ट्र सरकार केंद्र की मदद का इंतजार किए बिना सूखाग्रस्त किसानों को राहत देगी। राज्य के 265 तालुकाओं में सूखा घोषित किया गया है।

किसानों को सीधे राहत देने का संकल्प

मुंबई, महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति के बीच राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि सरकारी खजाने पर पहला अधिकार किसानों का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सूखाग्रस्त किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार की सहायता का इंतजार नहीं करेगी। जरूरत पड़ने पर राज्य के अपने खजाने से किसानों को राहत दी जाएगी।

राज्य के 265 तालुकाओं में सूखा घोषित किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी प्रभावित किसान राहत से वंचित न रहे। इसके लिए खेतों में फसल निरीक्षण और नुकसान का सटीक पंचनामा तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।

एमआर रिपोर्ट और गूगल इमेज से आकलन

वर्धा जिले के कारंजा तालुका में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए एमआर रिपोर्ट और गूगल इमेज का भी इस्तेमाल किया जाएगा। प्रशासन को फसल नुकसान की वास्तविक स्थिति दर्ज करने और उसके आधार पर राहत प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

सूखे से निपटने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय मंत्रिमंडल उपसमिति गठित की गई है। यह समिति हर मंगलवार को बैठक कर स्थिति की समीक्षा करेगी। समिति के स्तर पर पेयजल, पशुओं के चारे और बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

फिजूलखर्ची रोकने की अपील

राजस्व मंत्री ने सार्वजनिक और व्यक्तिगत कार्यक्रमों में अनावश्यक खर्च से बचने की अपील की है। उन्होंने लोगों से ऐसी बची हुई राशि मुख्यमंत्री सहायता निधि में देने का आग्रह किया।

इसके साथ ही उद्योगपतियों से सीएसआर के माध्यम से जल संरक्षण, तालाबों के गहरीकरण और जलस्रोतों के सुधार के कार्यों में योगदान देने की अपील की गई है। इससे सूखे की स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने के प्रयासों को मदद मिलने की उम्मीद है।

सूखे पर राजनीति नहीं करने की अपील

चंद्रशेखर बावनकुले ने सभी राजनीतिक दलों से सूखे के मुद्दे पर राजनीति से बचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष को एकजुट होकर किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए, ताकि किसानों के बीच भय या भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

सरकार की ओर से राहत प्रक्रिया में सटीक पंचनामे और फसल नुकसान के वास्तविक आकलन पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों को प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

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