

Wardha District Rain: लंबी प्रतीक्षा के बाद जिले में झमाझम मेघ बरसे। दमदार बारिश के साथ ही किसानों ने राहत की सांस ली। शनिवार देर रात तथा रविवार तड़के हुई जोरदार बारिश से हिंगनघाट तहसील के पिंपरी तथा समुद्रपुर तहसील के सावंगी नाले में बाढ़ आ गई। इसके चलते क्षेत्र के दो मार्ग परिवहन के लिए काफी समय तक बंद रहे। पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 25.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जिले के दो राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज हुई। लगभग सभी तहसीलों में हुई बारिश से खरीफ फसलों को कुछ हद तक संजीवनी मिली है।
वर्धा जिले में इस वर्ष मानसून ने देरी से दस्तक दी। इसके परिणामस्वरूप बुआई का कार्य भी प्रभावित हुआ था। जुलाई में हुई बारिश के बाद जैसे-तैसे किसानों ने बुआई पूरी की, लेकिन इसके बाद फिर बारिश नदारद हो गई।
अगस्त में भी नाममात्र की बारिश हुई। इससे खरीफ फसलें संकट में आ गई थीं और फसलों पर बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा था। किसान लगातार आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए थे। इसी बीच गणेशोत्सव शुरू होने के एक दिन पहले जिले में झमाझम बारिश ने दस्तक दी। इससे किसानों के साथ ही नागरिकों ने भी राहत की सांस ली।
प्रशासन के अनुसार वर्तमान में किसी भी गांव अथवा शहर का संपर्क नहीं टूटा है। हालांकि, हिंगनघाट तहसील के पिंपरी नाले में बाढ़ आने से पिंपरी से गिरड मार्ग पर परिवहन बंद रहा।वहीं, समुद्रपुर तहसील के सावंगी नाले में बाढ़ आने से सावंगी-वडगांव मार्ग पर भी काफी समय तक आवागमन बंद रहा। पुलिया पर से पानी कम होने के बाद दोनों मार्गों पर परिवहन शुरू किया गया।
जोरदार बारिश के चलते जिले के दो राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज की गई। इसमें हिंगनघाट तहसील के पोहणा मंडल में 71.3 मिमी तथा समुद्रपुर तहसील के नंदोरी मंडल में 148 मिमी बारिश दर्ज हुई। पिछले 24 घंटे में वर्धा तहसील में 23.9 मिमी, सेलू में 35.4 मिमी, देवली में 12.6 मिमी, आर्वी में 17.6 मिमी, आष्टी में 5.7 मिमी, कारंजा में 29.6 मिमी, हिंगनघाट में 25.1 मिमी तथा समुद्रपुर में 45.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में औसतन 25.6 मिमी वर्षा हुई।