सांकेतिक फोटो (सोर्स-AI) 
मुंबई

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद 500 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट चिन्हित, महाराष्ट्र साइबर जांच में पाकिस्तान कनेक्शन

Maharashtra Cyber Cell: महाराष्ट्र साइबर सेल ने जंतर-मंतर विरोध पर फर्जी खबरें फैलाने वाले 500 से अधिक प्रोफाइल चिन्हित किए। जांच में 86 पाकिस्तानी APT समूहों की भूमिका आई सामने।

रूपम सिंह

Maharashtra Cyber Cell Fake Social Media Profiles: महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल ने जंतर-मंतर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान और उसके तुरंत बाद सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें, गलत जानकारी तथा राष्ट्रविरोधी सामग्री फैलाने वाले 500 से अधिक सोशल मीडिया प्रोफाइल की पहचान की है। साइबर एजेंसी की जांच में इन गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान कनेक्शन भी उजागर हुआ है।

विभाग का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए गलत सूचना फैलाने और सार्वजनिक शांति भंग करने की साजिश में शामिल सभी संदिग्धों व व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सोशल मीडिया के जरिए विदेशों से भड़काई गई हिंसा

  • महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया गतिविधियों की चार दिवसीय जांच के दौरान 500 से अधिक ऐसे संदिग्ध खाते सामने आए, जिनका इस्तेमाल देश भर में अशांति और अफवाहें फैलाने के उद्देश्य से किया गया।
  • साइबर सेल के अनुसार, इनमें से 429 पोस्ट भारत के भीतर से ही किए गए थे, जिनमें से अधिकांश का संबंध महाराष्ट्र से था।
  • संचालित खातों से किए गए थे, जिनका मकसद देश में हिंसा भड़काना और भ्रामक जानकारी फैलाना था।
  • जांच में सामने आया कि कई भ्रामक पोस्ट कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) टूल्स का उपयोग करके तैयार किए गए थे, ताकि सांप्रदायिक तनाव भड़काया जा सके। जांच के दौरान साइबर टीम ने पाकिस्तान स्थित 86 'एडवांस्ड पर्सिस्टेंट थ्रेट' (एपीटी) समूहों की भी पहचान की है, जो वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से जुड़ी फर्जी और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने में शामिल थे।

'PM ने दिया इस्तीफा' जैसे झूठे दावे फैलाए

सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे झूठे दावों में से एक इंस्टाग्राम पोस्ट पाकिस्तान से संचालित अकाउंट से किया गया था, जिसमें जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों की मौत होने का फर्जी दावा किया गया था, वहीं, एक अन्य भ्रामक पोस्ट में यह झूठा दावा - किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्तीफा दे दिया

अतिरिक्त महानिदेशक यशस्वी यादव ने बाताया की महाराष्ट्र साइबर विभाग ने राष्ट्रविरोधी और भ्रामक सामग्री फैलाने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और समन जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हमारी जांच मुख्य रूप से प्रदर्शन वाले दिन और उसके बाद के दो दिनों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर केंद्रित थी, जिसमें आपत्तिजनक सामग्री वाले कुल चार दिनों का डेटा शामिल है।

BRICS Summit 2026 LIVE: डिनर में शामिल होने पहुंचे BRICS लीडर्स, कई राज्यों के CM-केन्द्रीय मंत्री भी मौजूद

Hindi Diwas 2026: बैंक, मोबाइल, पुलिस और टिकट...ऐसे 50 शब्द जो हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हैं एक जैसे

UP ATS का बड़ा एक्शन: अलकायदा का संदिग्ध आतंकी मोहम्मद नबील आजमगढ़ से गिरफ्तार, पाकिस्तान से जुड़े थे तार

ग्लोबल बनी भारतीय विरासत… BRICS समिट में पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सौंपा तिरुक्कुरल

BRICS Summit 2026: न्यूक्लियर डिक्लेरेशन जारी, मिडिल ईस्ट को परमाणु मुक्त बनाने और आतंक के खात्मे की अपील