मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

सैंड माफियाओं पर महाराष्ट्र सरकार की 'सर्जिकल स्ट्राइक', अवैध खनन व परिवहन करने वालों का परमिट रद्द!

Illegal Sand Mining: महाराष्ट्र सरकार ने अवैध बालू व गौण खनिज परिवहन पर सख्ती करते हुए वाहनों के परमिट मौके पर ही निलंबित/रद्द करने का निर्णय लिया है। तीन चरणों में कड़ी कार्रवाई होगी।

अर्पित शुक्ला

Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बालू एवं अन्य गौण खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए एक कड़ा फैसला लिया है. महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के निर्देश पर अब अवैध परिवहन में लिप्त पाए जाने वाले वाहनों के परमिट (परवाने) को तत्काल प्रभाव से स्थल पर ही निलंबित या रद्द किया जाएगा. इस संबंध में महसूल विभाग द्वारा आज एक परिपत्रक जारी किया गया है. राज्य में बड़े पैमाने पर हो रही बालू और अन्य गौण खनिजों की चोरी से न सिर्फ सरकार के राजस्व और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि इस अवैध धंधे से आपराधिक गतिविधियां भी बढ़ रही हैं. साथ ही, कार्रवाई के लिए जाने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की जान को खतरा पैदा होने की घटनाएं भी सामने आई हैं. इन्हीं हालातों के मद्देनजर, अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग की मदद से यह सख्त नीति अपनाई गई है. राज्य में बड़े पैमाने पर हो रही रेत और अन्य गौण खनिजों की चोरी से सरकार के राजस्व और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है. इसके साथ ही इससे अपराध बढ़ रहा है और कार्रवाई के लिए जाने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के जीवन को खतरा पैदा होने की भी घटनाएं सामने आई हैं. इसी पृष्ठभूमि में राजस्व मंत्री के आदेशानुसार, अवैध परिवहन पर सख्ती से लगाम लगाने की तैयारी परिवहन विभाग कर रहा है.

तीन चरणों में होगी कार्रवाई

राज्य परिवहन प्राधिकरण के निर्धारित नए निर्देशों के अनुसार, अवैध खनन और परिवहन करने वाले वाहनों पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 86 के तहत निम्नानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है:

  • पहला अपराध: 30 दिनों के लिए परमिट निलंबित करना और वाहन को जब्त करना.
  • दूसरा अपराध: 60 दिनों के लिए परमिट निलंबित करना और वाहन को जब्त करना.
  • तीसरा अपराध: संबंधित वाहन का परमिट स्थायी रूप से रद्द करना और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के माध्यम से आगे की कार्रवाई के लिए वाहन को जब्त करना.

इन वाहनों पर रहेगी कड़ी नजर

अवैध खनन और परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले ड्रिल मशीन, जेसीबी, पोकलैंड, ट्रैक्टर, ट्रैक्टर ट्रॉली, हाफ बॉडी ट्रक, फुल बॉडी ट्रक, डंपर, ट्रॉल,र कंप्रेसर, बार्ज, मोटराइज्ड बोट, एक्सकेवेटर, मैकेनाइज्ड लोडर जैसे सभी प्रकार के वाहनों और सामग्री पर भी यह कार्रवाई लागू होगी।

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "सरकार के राजस्व की चोरी करना एक गंभीर अपराध है, और कुछ लोग जानबूझकर ऐसा प्रयास करते हैं। उन्हें सबक सिखाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इससे राजस्व विभाग की क्षेत्रीय प्रणाली को अवैध परिवहन करने वाले वाहनों की जानकारी तत्काल परिवहन विभाग को देनी चाहिए, ताकि संबंधित वाहनों पर मौके पर ही कार्रवाई करना संभव हो सके। इससे अवैध परिवहन पर लगाम लगेगी।"

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