CM Shaurya Padak Maharashtra Cabinet Decisions Today: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के सामाजिक विकास, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और रोजगार कल्याण को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण एवं दूरगामी फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट के इन निर्णयों का सीधा लाभ राज्य के आम नागरिकों, पुलिस बल, छात्रों, छात्रावास कर्मचारियों और पारंपरिक उत्खनन व्यवसाय से जुड़े समाज को मिलेगा।
गृह विभाग की ओर से राज्य पुलिस बल के अधिकारियों और कर्मचारियों की जांबाजी को सम्मानित करने के लिए "मुख्यमंत्री शौर्य पदक" शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। अपने कर्तव्य के दौरान जोखिम उठाकर साहसिक कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार, पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
योग्य दावेदारों के चयन के लिए त्रिस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो सालभर के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगी। इस पदक के लिए 1 जनवरी 2026 से की गई साहसिक कार्रवाई को आधार माना जाएगा। हर साल 1 मई को महाराष्ट्र दिवस की पूर्व संध्या पर इन पदकों की घोषणा की जाएगी और मुख्यमंत्री स्वयं अपने हाथों से यह पदक प्रदान करेंगे।
गृह विभाग से संबंधित एक अन्य महत्वपूर्ण मानवीय निर्णय में, पुलिस हिरासत (कोठड़ी) में होने वाली अनैसर्गिक मौतों के मामले में मुआवजा देने की व्यापक नीति को स्वीकृति दी गई है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य मृतक के कानूनी वारिसों को बिना किसी देरी के समय पर आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत शैक्षणिक संस्थानों में नए नवाचारों और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 'सी.एम. सृष्टी' (CM SRISTHI) योजना लागू करने का फैसला लिया गया है। इस योजना के तहत राज्य के सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों, शासकीय उच्च व तकनीकी शिक्षा संस्थानों, शासकीय पॉलीटेक्निक, इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT) मुंबई, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी (COEP) पुणे और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर तकनीकी विश्वविद्यालय (लोनेरे-रायगढ़) के माध्यम से रिसर्च हब स्थापित किए जाएंगे।
सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) द्वारा संचालित अनुदानित छात्रावासों के कर्मचारियों को मंत्रिमंडल ने बड़ी राहत दी है। छात्रावास के अधीक्षक, रसोइए, सहायक (हेल्पर) और चौकीदारों के मानदेय में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे राज्य के लगभग 2,388 अनुदानित छात्रावासों के कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा।
इसके अलावा, 'भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्वाधार योजना' के तहत अनुसूचित जाति और नवबौद्ध वर्ग के पात्र छात्रों के भत्तों में वृद्धि की गई है। यह लाभ उन 11वीं, 12वीं तथा व्यावसायिक व गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के छात्रों को मिलेगा जो शासकीय छात्रावास में प्रवेश के पात्र थे, लेकिन आवेदन के बावजूद जगह नहीं पा सके थे। ऐसे छात्रों को भोजन, आवास और शैक्षणिक सुविधाओं के लिए मिलने वाली भत्ता राशि बढ़ा दी गई है। वहीं, आदिवासी विकास विभाग के तहत अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए संचालित 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वयंम योजना' के भत्तों में भी सुधार को मंजूरी दी गई है।
राजस्व, पंजीकरण और मुद्रांक शुल्क विभाग ने वडार समाज को बड़ी आर्थिक राहत देते हुए पारंपरिक पत्थर खदान और उत्खनन कार्य में गौण खनिज स्वामित्वधन (रॉयल्टी) छूट की सीमा बढ़ा दी है। इसके तहत वार्षिक उत्खनन की सीमा को 200 ब्रास से बढ़ाकर 500 ब्रास करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 'महाराष्ट्र भूमि राजस्व (गौण खनिज उत्खनन एवं निष्कर्षण) नियम, 1968' में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई है।