Maharashtra Cabinet Approves Farmers Loan Waiver 36585 Crore: महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक उथल-पुथल और आगामी चुनावों की दहलीज पर आयोजित हुई आज की कैबिनेट बैठक को बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा पूर्व में बजट सत्र के दौरान किए गए वादे को अमलीजामा पहनाते हुए सरकार ने 'पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर ऋण माफी योजना' के प्रारूप को अपनी अंतिम स्वीकृति दे दी है। बजट सत्र के बाद इस योजना के वित्तीय और व्यावहारिक पहलुओं की जांच के लिए एक विशेष उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति द्वारा हाल ही में मुख्यमंत्री को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, आज इसे कैबिनेट के पटल पर मंजूरी के लिए रखा गया था।
इस महा-कर्जमाफी के साथ-साथ राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के बुनियादी विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए दो अन्य बेहद महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णयों पर भी अपनी मुहर लगाई है। सरकार ने ग्रामीण विकास विभाग और लोक निर्माण विभाग के माध्यम से कनेक्टिविटी सुधारने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से बड़ा कर्ज लेने का रास्ता साफ कर दिया है।
कैबिनेट की बैठक में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए 'मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना' के तीसरे चरण को हरी झंडी दिखाई गई। इस चरण के अंतर्गत आने वाले विभिन्न सड़क निर्माण और सुधार कार्यों को पूरा करने के लिए 'एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक' और राज्य सरकार के संयुक्त कोष से 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 4,229 करोड़ रुपये) के ऋण प्रस्ताव को तकनीकी मंजूरी दे दी गई है। इससे राज्य के ग्रामीण अंचलों में बारहमासी पक्की सड़कों का संजाल मजबूत होगा।
सड़कों की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से लिए गए एक अन्य निर्णय में, महाराष्ट्र राज्य सड़क सुधार परियोजना को गति देने के लिए एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (AIIB) और न्यू डेवलपमेंट बैंक से संयुक्त वित्तीय सहायता प्राप्त करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। इन दोनों अंतरराष्ट्रीय बैंकों के सहयोग से राज्य सरकार को कुल 8,700 करोड़ रुपये की बड़ी वित्तीय मदद हासिल होगी। इस भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल राज्य के प्रमुख जिला मार्गों और राज्य राजमार्गों को अपग्रेड करने के लिए किया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कैबिनेट ने हैदराबाद (सिंध) राष्ट्रीय महाविद्यालय विश्वविद्यालय, मुंबई के अंतर्गत छह प्रमुख कॉलेजों को शामिल करने के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय के बाद अब प्रिंसिपल के. एम. कुंदननी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, किशनचंद चेल्लाराम लॉ कॉलेज (KC Law), श्रीमती मिथिबाई मोतीराम कुंदननी कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स, ऋषि दयाराम और सेठ हसराम राष्ट्रीय एवं सेठ वसीयमुल असोमुल्ला विज्ञान महाविद्यालय और थाडोमल शाहानी इंजीनियरिंग कॉलेज आधिकारिक तौर पर इस यूनिवर्सिटी समूह का हिस्सा बनकर काम करेंगे।