Extortion Threats Mumbai Lawrence Bishnoi Gang: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बढ़ता नेटवर्क, रंगदारी, धमकी और फायरिंग की घटनाएं प्रमुख मुद्दा बन गईं। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य में कारोबारी, जनप्रतिनिधि, फिल्मी हस्तियां और अन्य लोग लगातार धमकियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे संगठित अपराध पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि सरकार बिश्नोई गैंग के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि गैंग से जुड़े प्रमुख आरोपी अनमोल बिश्नोई और प्रवीण लोणकर को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि गैंग के भीतर मतभेद भी सामने आए हैं, जिससे इसके नेटवर्क पर असर पड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैंग से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि बिश्नोई गैंग जैसे संगठित अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जल्द ही पुलिस की एक विशेष टीम (स्पेशल टीम) गठित की जाएगी। यह टीम रंगदारी, धमकी और अंतरराज्यीय अपराध से जुड़े मामलों की निगरानी और कार्रवाई करेगी।
उन्होंने बताया कि रिजू बिश्नोई और शुभम लोणकर की तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ आरोपी भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि नहीं रखने वाले देशों में रहकर व्यापारियों को धमकियां दे रहे हैं। ऐसे नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने सदन को बताया कि पिंपरी-चिंचवड़ में फर्नीचर कारोबारी से रंगदारी मांगने और गोलीबारी की घटना से जुड़े तीन मामले दर्ज किए गए हैं। इस प्रकरण में अब तक 12 आरोपियों की पहचान की गई है, जिनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के पास से दो पिस्तौल और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
सरकार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत भी कार्रवाई की गई है। जिन व्यापारियों को धमकियां मिली हैं, उन्हें पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा संबंधित पुलिस आयुक्तालय क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और अपराधियों के नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि संगठित अपराध और रंगदारी के मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।