महाराष्ट्र में 11 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- आधुनिक तकनीक से सफल होगा यह अभियान

Maharashtra Tree Plantation: सरकार ने 11 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य तय किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ग्राम स्तर पर नियोजन, ड्रोन, जीआईएस और पीपीपी मॉडल से अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
Maharashtra Tree Plantation Drive CM Devendra Fadnavis Aim 11 Crore
CM देवेंद्र फडणवीस का वृक्षारोपण अभियान (सोर्सः डिजाइन फोटो)
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Maharashtra Tree Plantation Drive: राज्य सरकार ने इस वर्ष 11 करोड़ वृक्ष लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रभावी नियोजन और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी सरकारी विभागों और स्थानीय निकायों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्राम स्तर पर बनेगी वैज्ञानिक कार्ययोजना

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 11 करोड़ वृक्षारोपण के लक्ष्य को सफल बनाने के लिए केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि ग्राम स्तर पर सुनियोजित और वैज्ञानिक योजना बनाना भी जरूरी है। इसके लिए राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपने क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी, सार्वजनिक और अन्य उपयुक्त भूमि का विस्तृत सर्वेक्षण कर उसका रिकॉर्ड तैयार करना होगा। इस जानकारी को केंद्र सरकार के निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि वृक्षारोपण अभियान का सटीक डेटा उपलब्ध रहे और उसकी नियमित निगरानी की जा सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस डिजिटल प्रक्रिया से पौधारोपण अधिक व्यवस्थित तरीके से होगा और प्रत्येक क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार योजना बनाई जा सकेगी। साथ ही, पोर्टल पर सही जानकारी दर्ज होने से केंद्र सरकार की विभिन्न पर्यावरण और हरित विकास योजनाओं के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता प्राप्त करने में भी सुविधा होगी। इससे ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे और अभियान को दीर्घकालिक सफलता मिलेगी।

तकनीक और सार्वजनिक-निजी भागीदारी

वृक्षारोपण की निगरानी के लिए अब उपग्रह तकनीक, ड्रोन और जीआईएस (जीआईएस) प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। इससे रोपित पौधों की वृद्धि और स्थिति पर रियल-टाइम नज़र रखना संभव होगा। इसके अतिरिक्त, रोपों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए निजी संस्थाओं और कृषि विश्वविद्यालयों के साथ भागीदारी की जाएगी।

पीपीपी मॉडल के माध्यम से निजी रोपवाटिकाओं को जोड़कर वन विभाग केवल गुणवत्ता नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिससे हरित महाराष्ट्र का संकल्प समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।

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