घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग विकास के लिए 53.82 करोड़ का अतिरिक्त फंड मंजूर, अब 210 करोड़ से संवरेगा मंदिर परिसर

Sambhajinagar News: घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग विकास परियोजना के लिए महाराष्ट्र सरकार ने ₹53.82 करोड़ की अतिरिक्त राशि मंजूर की है। कुंभ मेले के मद्देनजर अब ₹210.45 करोड़ से सुविधाओं का विस्तार होगा।
Maharashtra Govt approved an additional ₹53.82 cr for Grishneshwar Jyotirlinga project, raising total cost to ₹210.45 cr for Kumbh Mela infrastructure.
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग विकास (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Updated on

Sambhajinagar Grishneshwar Jyotirlinga Development News: विश्व प्रसिद्ध श्री घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग धाम के व्यापक विकास के लिए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए परियोजना में 53।82 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही विकास परियोजना की कुल लागत बढ़कर 210.45 करोड़ रुपये हो गई है। नई मंजूरी के बाद मंदिर परिसर और आसपास श्रद्धालुओं की सुविधाओं का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जाएगा।

साथ ही आगामी कुंभमेले को ध्यान में रखते हुए आधारभूत सुविधाओं को भी मजबूत बनाया जाएगा। सरकार ने परियोजना के लिए दूसरी संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति जारी करते हुए सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में, उच्च गुणवत्ता के साथ और आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त कर पूरे करने के निर्देश दिए हैं।

परियोजना के कार्यान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी छत्रपति संभाजीनगर के जिलाधिकारी को सौंपी गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि विकास कार्यों के दौरान घृष्णेश्वर मंदिर और आसपास की ऐतिहासिक धरोहर का मूल स्वरूप किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए।

सरकारी स्तर पर आयोजित समीक्षा बैठक में आगामी कुंभ मेले के दौरान संभावित श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने, अतिरिक्त क्लॉक रूम, भक्त निवास में नए कमरों का निर्माण, आवश्यक फर्नीचर, बाहरी संपर्क एवं वलय मार्ग, सड़क किनारे प्रकाश व्यवस्था तथा निर्बाध पेयजल आपूर्ति जैसी सुविधाओं को परियोजना में शामिल करने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुरूप संशोधित प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी प्रदान की गई है।

भक्तों की सुविधा के लिए सौर एवं एलईडी स्ट्रीट लाइट

संशोधित परियोजना में मंदिर परिसर के तीन नए प्रवेश द्वार, प्रशासनिक भवन, दर्शन पंक्ति पर स्थायी छत, आधुनिक क्लॉक रूम, पत्थर की सुरक्षा दीवार, लोहे की सुरक्षा ग्रिल, पत्थर के पाथवे, व्यापक वृक्षारोपण, अतिरिक्त भक्त निवास, गुफा क्रमांक-1 से महादेव मंदिर तक नया संपर्क मार्ग, सौर एवं एलईडी स्ट्रीट लाइट, जल भंडारण टंकियां, वर्षा जल संरक्षण प्रणाली, आरओ पेयजल केंद्र, टपक सिंचाई व्यवस्था, ठोस कचरा प्रबंधन तथा सौर ऊर्जा आधारित सुविधाएं विकसित की जाएगी।

पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ विश्व धरोहर स्थल एलोरा की गुफाओं के समीप स्थित है। ऐसे में विकास परियोजना पूरी होने के बाद धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने, श्रद्धालुओं की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होने तथा स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं और सुव्यवस्थित परिसर के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का अनुभव पहले की तुलना में अधिक बेहतर होगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com