Maharashtra Ashram Schools Food Quality: महाराष्ट्र के आश्रम स्कूलों में छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आदिवासी विकास विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।
विभाग ने आश्रम स्कूलों में भोजन व्यवस्था की गुणवत्ता जांचने के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को 30 अक्टूबर तक अपनी रिपोर्ट आदिवासी विकास आयुक्त को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
आश्रम स्कूलों में छात्रों को सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जाता है। समिति इस पूरी व्यवस्था में मौजूद कमियों और खामियों का अध्ययन करेगी। इसके तहत किचन से लेकर स्कूल तक भोजन पहुंचने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाएगी।
समिति के सदस्य संबंधित किचन का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, भोजन के परिवहन और डिलीवरी के समय की जांच की जाएगी। इसके अलावा छात्रों और स्कूल प्रबंधन समितियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और शिकायतों की जानकारी भी ली जाएगी।
ठाणे शहर के अपर आयुक्त गोपीचंद कदम को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में नाशिक के अपर आयुक्त दिनकर पवारा, अंडर सेक्रेटरी प्रदीप मोरे, संयुक्त आयुक्त संतोष ठुबे और घोडेगांव के प्रोजेक्ट ऑफिसर गणेश इवनाते को शामिल किया गया है।
समिति में यूनीसेफ के डाइटीशियन, यूएनडीपी के स्टेट कोऑर्डिनेटर उज्ज्वल पहुरकर और स्त्री शक्ति के प्रतिनिधि को भी सदस्य बनाया गया है। नंदुरबार के प्रोजेक्ट ऑफिसर चंद्रकांत पवार को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
सरकारी आदेश के अनुसार समिति को 30 अक्टूबर तक अपनी रिपोर्ट आदिवासी विकास आयुक्त को सौंपनी होगी।
इसके बाद आयुक्त को समिति की रिपोर्ट पर अपना अभिप्राय देते हुए 6 नवंबर से पहले सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। आदिवासी छात्रों की विभिन्न मांगों के बीच आश्रम स्कूलों की भोजन व्यवस्था की यह जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।