

Maharashtra Crop Loss Panchnama: महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य में अब तक 265 तहसीलों में सूखा घोषित किया जा चुका है। फसल नुकसान का पंचनामा जारी है।
शेष 19 तहसीलों में सूखे की स्थिति की गंभीरता की जांच कर जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यह जानकारी कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने मंगलवार को दी।
कृषि मंत्री के अनुसार जिलाधिकारियों को 265 सूखा प्रभावित तहसीलों में फसल नुकसान के पंचनामे का काम तत्काल पूरा करने को कहा गया है। राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी बांधों और प्रभावित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर नुकसान का जायजा ले रहे हैं। सरकार ने 10 अक्टूबर तक सभी पंचनामे पूरे करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य में अब तक करीब 65 लाख 26 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसल नुकसान का पंचनामा पूरा हो चुका है। विभागवार प्रगति की बात करें तो छत्रपति संभाजीनगर विभाग में 68 प्रतिशत, पुणे विभाग में 30 प्रतिशत और नाशिक विभाग में 22 प्रतिशत पंचनामा पूरा हुआ है। कोंकण विभाग में पंचनामे की प्रगति सबसे कम बताई गई है।
सूखे और जलसंकट की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने विधायकों को स्थानीय विकास निधि से प्रत्येक काम के लिए 25 लाख रुपये तक खर्च करने की अनुमति दी है। इस निधि का उपयोग स्थानीय स्तर पर सूखे और पानी की समस्या से जुड़े कार्यों के लिए किया जा सकेगा।
नांदेड़: मुदखेड़, मुखेड़, अर्धापुर
चंद्रपुर: जिवती, ब्रह्मपुरी, बल्लारपुर
गोंदिया: आमगांव, देवरी, सालेकसा
नाशिक: त्र्यंबकेश्वर, चांदवाड़, निफाड़
भंडारा: मोहाड़ी, तुमसर
सांगली: शिराला, वालवा
वर्धा: करंजा
सातारा: पाटन
इन तहसीलों में सूखे की गंभीरता का आकलन कर प्रस्ताव जल्द जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का आकलन पूरा कर किसानों के लिए राहत संबंधी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।