love jihad law Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया) 
मुंबई

लव जिहाद पर लगाम की तैयारी, महाराष्ट्र विधानसभा में धर्मांतरण विरोधी बिल पेश

Love Jihad Law Maharashtraमहाराष्ट्र सरकार ने कथित लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए महाराष्ट्र धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 विधानसभा में पेश किया है।

सूर्यप्रकाश मिश्र

Mumbai News: महाराष्ट्र में कथित “लव जिहाद” और संगठित धर्मांतरण के मामलों पर रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पंकज भोयर ने शुक्रवार को विधानसभा में ‘महाराष्ट्र धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026’ पेश किया।

देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लाए गए इस विधेयक में लालच, दबाव या धोखाधड़ी से कराए गए धर्मांतरण को दंडनीय अपराध बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। ऐसे मामलों में अधिकतम 10 वर्ष की सजा और 7 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कानून महिलाओं, नाबालिगों और कमजोर वर्गों को कथित जबरन धर्मांतरण से बचाने के लिए लाया गया है।

शादी के नाम पर धर्मांतरण होगा अवैध

विधेयक के अनुसार यदि कोई व्यक्ति शादी का झांसा देकर या विवाह के उद्देश्य से धर्मांतरण करवाता है, तो ऐसे विवाह को अदालत द्वारा अमान्य घोषित किया जा सकेगा। हालांकि ऐसे विवाह से जन्मे बच्चों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे। उन्हें मां के मूल धर्म का माना जाएगा और संपत्ति में उनका वैध उत्तराधिकार अधिकार बना रहेगा।

सजा के कड़े प्रावधान

  • राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए विधेयक में सख्त दंडात्मक प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
  • महिला, नाबालिग या SC/ST से जुड़े मामलों में कम से कम 7 साल की जेल और 5 लाख रुपये तक जुर्माना।
  • दोबारा अपराध करने पर 10 साल तक की सजा और 7 लाख रुपये तक जुर्माना।
  • सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे तथा मामलों की सुनवाई सीधे सत्र न्यायालय में होगी।
  • साथ ही धर्मांतरण जबरन नहीं कराया गया है, यह साबित करने की जिम्मेदारी आरोपी पर होगी।

जिलाधिकारी को 60 दिन पहले देनी होगी सूचना

विधेयक के तहत धर्मांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए धर्म बदलने से 60 दिन पहले जिलाधिकारी को सूचना देना अनिवार्य होगा। प्रशासन पुलिस के माध्यम से इसकी जांच करेगा और संभावित आपत्तियां भी आमंत्रित की जाएंगी।

धर्मांतरण के बाद 21 दिनों के भीतर शपथपत्र दाखिल करना भी जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने पर धर्मांतरण को अवैध माना जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कानून से धोखे या दबाव में कराए जाने वाले धर्मांतरण के मामलों पर रोक लगेगी और पीड़ितों को न्याय मिलने में मदद मिलेगी।

कई राज्यों में पहले से लागू कानून

उल्लेखनीय है कि इससे पहले ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड और तमिलनाडु में धर्मांतरण से संबंधित कानून पहले से लागू हैं।

महाराष्ट्र में भी कथित लालच या प्रेम संबंधों के माध्यम से धर्मांतरण की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर यह विधेयक लाया गया है। इस बिल पर विस्तृत चर्चा की मांग सुधीर मुनगंटीवार ने की है। हालांकि विधानसभा और विधान परिषद में महायुति सरकार के बहुमत को देखते हुए इसके पारित होने में ज्यादा कठिनाई नहीं मानी जा रही है।

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