छात्र प्रदर्शन (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

IIT बॉम्बे विवाद: चौथे दिन भी प्रदर्शन जारी, छात्रों ने की डायरेक्टर से इस्तीफे और जवाबदेही की मांग

IIT Bombay Protest: आईआईटी बॉम्बे में बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद चौथे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्रों ने संस्थान निदेशक से इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

गोरक्ष पोफली

IIT Bombay Student Protest Fourth Day: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), बॉम्बे में बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद चौथे दिन भी छात्र संगठनों ने आईआईटी बॉम्बे में विरोध प्रदर्शन जारी रखा और संस्थान के निदेशक के इस्तीफे की मांग की।

मुंबई यूनिवर्सिटी की छात्रा सना ने सोमवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि वह इंग्लिश लिटरेचर से मास्टर की एक स्टूडेंट हूं। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन को लेकर हमारी मांग वही है, जो हमने पहले रखी थी। एक छात्र की जो इंस्टीट्यूशन हत्या की गई है, इसको लेकर हमने संबंधित सभी लोगों, प्रोफेसरों की माफीनामा और रेजिनेशन की मांग है।

सिस्टम में बदलाव और जवाबदेही की मांग

उन्होंने कहा कि केवल छात्र साहिल वाकोडे ही नहीं बल्कि एक ही वर्ष में 4 छात्रों की मौत आम बात नहीं है। इसको लेकर हमने सिस्टम में बदलाव, माफीनामा और इन चीजों को लेकर जवाबदेही की मांग है। सना ने कहा कि यह पिछले 2 माह में छात्रों की आत्महत्या का यह दूसरा मामला है।

जातिगत उत्पीड़न के कोण से जांच की मांग

सना ने बताया कि पिछले एक वर्ष में जिन चार छात्रों ने आत्महत्या की है, उनमें से 3 दलित थे। ऐसे में यह भी एक जांच का विषय है कि क्या इन छात्रों को उनके कास्ट के आधार पर उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। अगर छात्रों या यूनिवर्सिटी के फैकल्टी की ओर से ऐसी चीजें की जा रही हैं, तो यह बेहद की शर्मनाक घटना है। इसकी जांच होनी चाहिए।

निदेशक के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन

आईआईटी बॉम्बे में छात्र की आत्महत्या की घटना को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर ने कहा है कि वह इस्तीफा दे देंगे, लेकिन अभी तक उन्होंने दिया नहीं है।

सना ने कहा कि जब तक हम यह नहीं देख लेते कि संस्थान के निदेशक ने इस्तीफा दे दिया है, तब तक यह प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। इस प्रकार की घटनाओं को लेकर आगे भी इसी तरह छात्र संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

संस्थान में गहरी समस्याएं और प्रशासनिक विफलता

इस पूरे मामले में छात्रों का बढ़ता आक्रोश संस्थान के भीतर व्याप्त गहरी समस्याओं और प्रशासनिक जवाबदेही की ओर इशारा करता है।

एक ही साल में चार छात्रों की जान जाना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। जब तक निष्पक्ष जांच, जातिगत भेदभाव के आरोपों का समाधान और स्थायी बदलाव नहीं होते, तब तक छात्रों का यह संघर्ष जारी रहने की उम्मीद है।

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