हुसैन दलवई (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

सुखबीर बादल पर हमला, तिरंगा और राहुल गांधी... हुसैन दलवई ने BJP पर दागे तीखे सवाल

Hussain Dalwai Statement: नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर हमले, हर घर तिरंगा अभियान और राहुल गांधी पर बीजेपी के रुख को लेकर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने निशाना साधा। जानिए उन्होंने क्या कहा।

गोरक्ष पोफली

Hussain Dalwai Targets BJP: महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल जैसे बड़े राजनीतिक नेता की सुरक्षा के बावजूद उन पर हमला होना महाराष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

इसके साथ ही दलवई ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बचाव करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर भाजपा की आलोचना को खारिज किया।

हर घर तिरंगा अभियान को लेकर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा। तो वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल के शुद्धिकरण को जातिगत सोच का उदाहरण बताते हुए उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई।

सुखबीर बादल पर हमला और कानून-व्यवस्था

सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले को लेकर हुसैन दलवई ने कहा कि यह घटना बताती है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने बड़े नेता के पास अपनी सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी, इसके बावजूद उन पर हमला हो गया तो राज्य सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

राज्य सरकार को ऐसे महत्वपूर्ण नेताओं की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। यह केवल हमले के प्रयास की बात नहीं है, यदि किसी व्यक्ति को चोट लगती है तो यह गंभीर घटना है। आजकल बड़े नेताओं को भी निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में पुलिस विभाग और प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए।

हर घर तिरंगा और RSS पर सवाल

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे की उस टिप्पणी पर भी हुसैन दलवई ने समर्थन जताया, जिसमें उन्होंने 'हर घर तिरंगा' अभियान को आरएसएस मुख्यालय से शुरू करने की बात कही थी। दलवई ने आरएसएस और तिरंगे को लेकर उसके पुराने रुख का हवाला देते हुए कहा कि एक समय तिरंगे को लेकर आपत्तियां जताई जाती थीं और राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों तथा अशोक चक्र को स्वीकार करने को लेकर भी सवाल उठाए जाते थे।

यदि आज तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है और तिरंगे को लेकर रैलियां निकाली जा रही हैं, तो सबसे पहले आरएसएस मुख्यालय पर तिरंगा लगाया जाना चाहिए। लंबे समय तक तिरंगे को स्वीकार नहीं करने वालों को पहले देश के सामने अपने पुराने रुख के लिए माफी मांगनी चाहिए।

तिरंगा पूरे देश का राष्ट्रीय ध्वज है और लोगों को इसके महत्व के बारे में समझाने से पहले उन संगठनों और लोगों को अपने पुराने रुख पर स्पष्टीकरण देना चाहिए जिन्होंने कभी तिरंगे को लेकर आपत्ति जताई थी।

राहुल गांधी की टिप्पणियों पर बचाव

राहुल गांधी द्वारा एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर भाजपा की ओर से उठाए गए सवालों को भी दलवई ने खारिज किया।

जब उनसे पूछा गया कि क्या विपक्ष के नेता के पद पर बैठे राहुल गांधी के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना उचित है और क्या इससे भारत के विदेश संबंध प्रभावित हो सकते हैं, तो उन्होंने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही है।

दलवई ने यह भी स्पष्ट किया कि मेलोनी को लेकर जिस टिप्पणी का जिक्र किया जा रहा है, वह राहुल गांधी की ओर से नहीं की गई थी।

नाकाम कॉमेडियन वाले बयान पर पलटवार

राहुल गांधी पर भाजपा नेताओं की ओर से की जा रही आलोचना और उन्हें नाकाम स्टैंड-अप कॉमेडियन बताए जाने पर भी दलवई ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग लगातार राहुल गांधी के विपक्ष के नेता के रूप में काम करने पर सवाल उठाते रहते हैं, लेकिन राहुल गांधी लगातार लोगों के बीच जा रहे हैं और उन लोगों से मिल रहे हैं, जिनके साथ अन्याय हुआ है।

वह लोगों को एकजुट करने का काम कर रहे हैं और ऊर्जावान तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। राहुल गांधी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और यही भाजपा के लिए चिंता का विषय है। भाजपा राहुल गांधी की आलोचना इसलिए करती है क्योंकि विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी सरकार, खासकर प्रधानमंत्री मोदी पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

खरगे के कार्यक्रम स्थल के शुद्धिकरण का विरोध

मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी में हुई सभा के बाद कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल के शुद्धिकरण की घटना को लेकर भी दलवई ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने इसे पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे दलित समाज से आते हैं और यदि उनकी जाति के आधार पर किसी स्थान का शुद्धिकरण किया गया है, तो यह बेहद आपत्तिजनक है। ऐसी घटना से पता चलता है कि समाज में जात-पात की सोच अभी भी मौजूद है।

उन्होंने संविधान और समानता के मूल्यों का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। खड़गे कांग्रेस के लिए बेहद सम्मानित नेता हैं और उनके साथ जाति के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव गलत है। दलवई ने कथित घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसी मानसिकता का विरोध किया जाना चाहिए।

शिवराज सिंह चौहान ने चंडीगढ़ में CBDC‑आधारित DBT का किया शुभारंभ; PDS में पारदर्शिता की नई क्रांति

आज की ताजा खबर 14 अगस्त LIVE: जेपी नड्डा अस्पताल में भर्ती; चमोली लैंडस्लाइड हादसे में मृतकों की संख्या हुई 7

तिरंगे से राष्ट्र निर्माण तक, राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को दिया खास संदेश

RRB JE Recruitment 2026: भारतीय रेलवे में 3,993 पदों पर निकली भर्ती, जानें योग्यता और सैलरी

15 अगस्त को भारत मनाएगा 79वां या 80वां स्वतंत्रता दिवस? जानिए 1947 से जुड़ा आसान सा हिसाब