Hussain Dalwai Statement: कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त होने के बाद कहा कि उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वह किसी के राजनीतिक मोहरा न बनें। साथ ही, कांग्रेस नेता ने आरोप लगाए कि आंदोलन को खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए हुसैन दलवई ने कहा, मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर है। उसके बाद ही कोई बातचीत हो सकती है। उस मांग को पूरा किए बिना मुद्दे को सुलझाने की कोशिश करना सही तरीका नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, यह आंदोलन पूरे देश में चल रहा है और इसे खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं। ऐसी कोशिशें जारी रहेंगी। एक बात याद रखने वाली है कि जब अन्ना हजारे भूख हड़ताल पर थे, तो तीन-चार मंत्री उनसे मिलने और उन्हें मनाने गए थे। लेकिन, मेरी नजर में अन्ना हजारे आखिरकार भाजपा के हाथों का मोहरा बन गए। इसी तरह, सोनम वांगचुक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह किसी के राजनीतिक मोहरे न बनें। मैं सीजेपी के लोगों को भी आगाह करना चाहूंगा कि वे इस मामले पर अधिक ध्यान दें।
हुसैन दलवई ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि आप आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, लोगों पर हमले, छात्रों और लड़कियों की पिटाई जैसे गंभीर मुद्दे हैं। ये सभी अहम चिंताएं हैं। मुंबई में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। जहां भी ऐसे विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, सरकार को सबसे पहले उनसे बातचीत करनी चाहिए, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करना चाहिए और फिर बाकी मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।
वहीं, कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के लेख एजुकेशन सिस्टम का पतन और भारत के युवाओं में फैला आक्रोश पर हुसैन दलवई ने कहा, यह बिल्कुल सही है। यह सच है कि यह मुद्दा पूरे देश में फैल गया है। युवाओं और छात्रों को लगता है कि सरकार ठीक से काम नहीं कर रही है। खासकर छात्र इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उनकी परीक्षाएं ठीक से नहीं हो रही हैं। कुल मिलाकर, ऐसा लगता है कि सरकार पूरी तरह से विफल रही है, और सोनिया गांधी जो कह रही हैं, वह बिल्कुल सही है।
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दिल्ली पुलिस की ओर से 480 पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक किए जाने पर कांग्रेस नेता ने कहा, अगर ऐसा होता है, तो सरकार तय करेगी कि क्या कार्रवाई करनी है, स्थिति को कैसे संभालना है और क्या कदम उठाने हैं।
- एजेंसी की रिपोर्ट से