

Husain Dalwai Attacks Central Government: कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने पेपर लीक मामले, छात्रों के विरोध-प्रदर्शन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के हालिया बयान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार की मुलाकात समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
जेपी नड्डा द्वारा आंदोलन के राजनीतिकरण को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि असल में राजनीति कौन कर रहा है, यह देश देख रहा है। सरकार ही आंदोलनों को दबाने और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का काम कर रही है।
छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर अभिनेता सलमान खान द्वारा किए गए हालिया एक्स पोस्ट का कांग्रेस नेता ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अभिनेता ने सही बात कही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि सलमान खान स्वयं प्रदर्शन स्थल पर पहुंचते तो और बेहतर संदेश जाता। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण चल रहा था। ऐसे आंदोलन पर लाठीचार्ज करना, लोगों को कुचलना और छात्राओं पर हमला करना बिल्कुल गलत था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार के बीच हुई हालिया मुलाकात पर हुसैन दलवई ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए यह मुलाकात उचित नहीं थी। मेरे ख्याल से अभी सरकार के खिलाफ माहौल है। ऐसे समय में पवार साहब का वहां जाना और उनकी मेहमाननवाजी स्वीकार करना मेरे हिसाब से सही नहीं था।
पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट के वायरल वीडियो पर कांग्रेस नेता ने दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाले लोग छात्र नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए कुछ बाहरी तत्वों ने जानबूझकर हिंसा की होगी।
राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के घेराव और इस पर लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में हुसैन दलवई ने कहा कि राहुल गांधी पर इस तरह के आरोप लगाना पूरी तरह गलत है। देश में तनावपूर्ण हालात पैदा करने के लिए विपक्ष नहीं, बल्कि सरकार की कार्यशैली जिम्मेदार है। राहुल गांधी ऐसे कैसे करेंगे? नेपाल जैसे हालात पैदा करने का काम आज सरकार कर रही है। सरकार लोगों के सवालों का जवाब देने के बजाय लाठी और गोली चलाने में लगी है। राम मंदिर में चोरी हुई तो क्या राहुल गांधी ने कहा था कि चोरी करो? हर बात में राहुल गांधी का नाम लेना बंद होना चाहिए।
दलवई ने आगे कहा कि राहुल गांधी संविधान में विश्वास रखने वाले नेता हैं और देश के सभी वर्गों, खासकर गरीबों के प्रति, उनके मन में गहरी संवेदना है। राजनीतिक विरोधियों को अब राहुल गांधी से डर लगने लगा है, इसलिए उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।