नवी मुंबई हिरकणी महोत्सव (सोर्सः सोशल मीडिया)
मुंबई

नवी मुंबई में हिरकणी महोत्सव की धूम, महिलाओं के लिए लगाए गए 275 से अधिक स्टॉल

Navi Mumbai Hirkani Mahotsav: दिवाली के अवसर पर नवी BMC ने महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नेरुल प्रदर्शनी मैदान में हिरकणी महोत्सव का आयोजन किया है।

आंचल लोखंडे

Highlights:

  • नवी मुंबई के नेरुल सेक्टर-26 में 1 से 4 नवंबर तक हिरकणी महोत्सव का आयोजन।

  • महिलाओं के उत्साह को देखते हुए निर्धारित 150 की जगह 275 से अधिक स्टॉल लगाए गए।

  • वन मंत्री गणेश नाईक ने साल में तीन बार अलग-अलग इलाकों में सात-सात दिनों के लिए ऐसे आयोजन करने का सुझाव दिया।

Navi Mumbai Diwali Festival: दिवाली के त्योहारी सीजन में नवी मुंबई की महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए नवी मुंबई महानगरपालिका ने नेरुल के सेक्टर-26 स्थित गणपतशेठ तांडेल प्रदर्शनी मैदान में 'हिरकणी महोत्सव' का भव्य आयोजन किया है।

1 से 4 नवंबर तक चलने वाले इस महोत्सव का शुभारंभ महाराष्ट्र के वन मंत्री गणेश नाईक के हाथों किया गया। महोत्सव में शामिल होने के लिए महिलाओं ने भारी उत्साह दिखाया था, जिसकी वजह से मनपा प्रशासन को तय 150 स्टॉल्स की जगह रातों-रात 275 से अधिक स्टॉल्स का प्रबंध करना पड़ा।

वन मंत्री गणेश नाईक हुए शामिल

वर्ष में 3 बार 7-7 दिनों के आयोजन की सिफारिश उद्घाटन अवसर पर वन मंत्री गणेश नाईक ने मनपा के इस प्रयास की जमकर सराहना की। उन्होंने महापौर सुजाता पाटिल और महिला एवं बाल कल्याण समिति की सभापति सलुजा सुतार को निर्देश दिए कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए ऐसे प्रदर्शनी मेले साल में कम से कम 3 बार शहर के अलग-अलग इलाकों में 7-7 दिनों के लिए आयोजित किए जाएं। इस मौके पर पूर्व सांसद संजीव नाईक, पूर्व विधायक संदीप नाईक, पूर्व महापौर जयवंत सुतार समेत मनपा के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

दुखांतिका के बीच संवेदनशील पहलः 'सूखा राहत कोष'

महापौर सुजाता पाटिल ने कहा कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के हुनर को एक बड़ा बाजार देना है। राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए, महोत्सवांगन में एक विशेष सहायता बॉक्स भी रखा गया है। इसमें जुटने वाली सहयोग राशि 'मुख्यमंत्री सूखा राहत कोष' में भेजी जाएगी।

फराहड़ की महक के साथ रंगोली की चमक

  • गृहणियों द्वारा तैयार शुद्ध घी के लड्डू, करंजी, चकली, सेव के साथ-साथ सुवासिक उबटन, आकर्षक दीये, आकाशकंदील और हस्तशिल्प की भारी मांग है।

  • 'ईटीसी दिव्यांग शिक्षण व प्रशिक्षण केंद्र' के बच्चों और उनके अभिभावकों द्वारा बनाई गई वस्तुओं का स्टॉल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

  • खरीदारी के साथ-साथ शहरवासियों के लिए 21 लजीज स्ट्रीट-फूड स्टॉल्स भी लगाए गए हैं। इस चार दिवसीय महोत्सव में प्रतिदिन शाम को रंगारंग कार्यक्रम होंगे।

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