

नागपुर विश्वविद्यालय में UPSC-MPSC के लिए निवासी प्रशिक्षण केंद्र को मंजूरी।
SC, ST, OBC और EWS विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ।
शुरुआत में विद्यार्थी भवन के खाली कमरों में आवास की सुविधा मिलेगी।
Nagpur University Residential Training Center: यूपीएससी और एमपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय परिसर में ही प्रशिक्षण और आवास की सुविधा उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है।
वर्षों से निधि के अभाव में लंबित निवासी प्रशिक्षण केंद्र की मांग को आखिरकार सीनेट की बैठक में मंजूरी मिल गई है। इस पहल से जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित प्रशिक्षण सुविधा के तहत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों के साथ खुले वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को भी ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी के अंतर्गत लाभ देने की योजना है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों को यूपीएससी-एमपीएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इस प्रशिक्षण के जरिए विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवाओं में करियर बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। बेहतर तैयारी के माध्यम से वे आईएएस, आईपीएस सहित विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं में चयन के अपने लक्ष्य की ओर प्रयास कर सकेंगे।
नागपुर विश्वविद्यालय में निवासी प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही थी। हालांकि, निधि की कमी के कारण योजना आगे नहीं बढ़ पाई। सीनेट की बैठक में पूर्व सदस्य दिनेश शेराम की ओर से यह मुद्दा उठाया गया। इसके बाद कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने का आश्वासन दिया।
नागपुर शहर प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत में विद्यार्थी भवन के खाली कमरों का इस्तेमाल बाहरी विद्यार्थियों के अस्थायी आवास के लिए किया जाएगा। विश्वविद्यालय स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के लिए यहां चार-सीटर कमरे उपलब्ध हैं। खिलाड़ी पूरे वर्ष इन कमरों में नहीं रहते, इसलिए खाली अवधि में इनका उपयोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के आवास के लिए किया जा सकेगा।
इस व्यवस्था से शुरुआती चरण में सीमित संख्या में विद्यार्थियों को रहने की सुविधा मिल सकेगी। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण का लाभ विभिन्न वर्गों के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुंचे।
अब विद्यार्थियों की नजर प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत, उपलब्ध सीटों, प्रवेश प्रक्रिया और प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी पर रहेगी।