हसन मुश्रीफ और उनके बेटों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामला बंद।
बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा मूल FIR रद्द करने के बाद ईडी की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार।
ईडी ने पहले ₹2.07 करोड़ की FD और ₹7.70 लाख नकद जब्त किए थे।
Hassan Mushrif NCP Leader Money Case ED Closure Repor: महाराष्ट्र के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता हसन मुश्रीफ और उनके बेटों को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। वर्ष 2022 में शुरू हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच अब बंद हो गई है।
अदालत ने जांच एजेंसी की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली है। यह फैसला इस मामले से जुड़े मूल अपराधों के रद्द होने के आधार पर लिया गया है।
इस मामले की शुरुआत मार्च 2022 में हुई थी। पुणे के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने कंपनी अधिनियम के कथित उल्लंघन को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद फरवरी 2023 में कोल्हापुर के मुर्मूड पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई। इसमें किसानों से जुटाई गई शेयर पूंजी में धोखाधड़ी और वित्तीय हेरफेर के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, वर्ष 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस FIR को रद्द कर दिया था।
जांच बंद करने का अनुरोध करते हुए ED ने विशेष अदालत को बताया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कार्रवाई के लिए मूल अपराध का मौजूद होना जरूरी है। चूंकि बॉम्बे हाई कोर्ट मूल मामले को रद्द कर चुका है, इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत को आगे बढ़ाने का आधार नहीं बचा है। इसी आधार पर जांच एजेंसी ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की।
ED ने आरोप लगाया था कि 2013-14 के दौरान एक शुगर फैक्ट्री को कई शेल कंपनियों के माध्यम से करोड़ों रुपये मिले थे। इनमें कोलकाता की कुछ बंद हो चुकी कंपनियां भी शामिल थीं। एजेंसी के अनुसार, इक्विटी और प्रेफरेंस शेयर सब्सक्रिप्शन के नाम पर 11.35 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश दिखाया गया था, लेकिन इसका स्पष्ट बैंक ट्रेल उपलब्ध नहीं था।
ED ने वर्ष 2023 की शुरुआत में कई स्थानों पर तलाशी ली थी। इसके बाद जुलाई 2024 में जांच एजेंसी ने 2.07 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदें (FDR) और 7.70 लाख रुपये नकद अस्थायी रूप से अटैच किए थे। अब अदालत द्वारा क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार किए जाने के बाद इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले की कार्यवाही बंद हो गई है।