

सुपर अल नीनो के खतरे के बीच ठाणे मनपा ने पानी बचाने की योजना बनाई।
40 नए बोरवेल और 90 कुओं की सफाई-मरम्मत का काम शुरू।
अवैध नल कनेक्शनों पर कार्रवाई, 427 कनेक्शन काटे गए।
35 कुओं के पानी को RO और अल्ट्रा फिल्ट्रेशन से पीने योग्य बनाया जा रहा है।
Thane Municipal Corporation: 'सुपर अल नीनों' के संभावित खतरे और घटते जल स्तर को देखते हुए ठाणे महानगर पालिका ने पानी बचाने के लिए एक सख्त और दूरदर्शी कार्ययोजना तैयार की है। अब सिर्फ कागजी दावों की बजाय, महापालिका ने शहर के कुओं, नलकूपों और अत्याधुनिक तकनीकों पर अपना पूरा फोकस केंद्रित कर दिया है, ताकि आने वाले दिनों में ठाणेकरों को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।
मनपा आयुक्त सौरभ राव ने निर्देश दिए हैं कि महापालिका को उपलब्ध जल भंडारों का सटीक प्रबंधन, सार्वजनिक कुओं और बोरवेल्स के पानी का उपयोग, पानी की बर्बादी रोकना, अवैध नल कनेक्शन के खिलाफ कार्रवाई और रीसायकल किए गए पानी का अधिकाधिक उपयोग करने पर जोर देना चाहिए।
ठाणे शहर में कुल 2024 बोरवेल्स में से 392 खराब बोरवेल्स की मरम्मत कर ली गई है और शेष बोरवेल्स का रखरखाव जारी है। इसके अलावा, 80 बोरवेल्स के पास रेनवाटर हार्वेस्टिंग और रिचार्ज पिट तैयार किए जाएंगे।
इससे बरसात के दिनों में जमीन में सोखने वाले पानी की मात्रा बढ़ेगी, जिससे बोरवेल्स की पानी देने की क्षमता में सुधार होगा। शहर में विभिन्न स्थानों पर 40 नए बोरवेल खोदने की योजना है, जिनका उपयोग स्कूलों, उद्यानों, मैदानों और झोपड़पट्टी क्षेत्रों में अन्य उपयोग के लिए पानी की आपूर्ति हेतु किया जाएगा।
बताया गया कि ठाणे महानगरपालिका के फंड से 90 कुओं की साफ-सफाई और आवश्यक मरम्मत कर उनमें पंप लगाकर नागरिकों को पीने के अलावा अन्य उपयोगों के लिए पानी उपलब्ध कराने का काम शुरू कर दिया गया है। इन कार्यों को नवंबर 2026 तक पूरा करने की योजना है। ठाणे शहर के कुल 35 कुओं पर अल्ट्रा फिल्ट्रेशन और आर। ओ. लगाकर उनके पानी को पीने योग्य बनाया जा रहा है।
इनमें से 12 कुओं का काम पूरा हो चुका है और उनका उपयोग शुरू है। नवंबर 2026 में और 8 कुओं का काम पूरा कर इस प्रणाली को चालू किया जाएगा। इसके अलावा, फरवरी 2027 से पहले शेष 15 कुओं का काम पूरा करने की योजना है। साथ ही, महापालिका के 210 और निजी 205 कुओं के जलस्तर पर नजर रखते हुए आवश्यकतानुसार उनका उपयोग बढ़ाया जाएगा।
पानी की पाइपलाइनों में रिसाव का पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरे (रोबोट) और रडार तकनीक का उपयोग कर मुख्य पाइपलाइनों में लीकेज ढूंढने का काम शुरू है। इसके अलावा, रिसाव का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक प्रणालियों का उपयोग किया जा रहा है।
अवैध नल कनेक्शन काटने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 1 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच कुल 427 अवैध नल कनेक्शनों पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, 14 सितंबर 2025 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच अवैध इमारतों की जलापूर्ति काटने के संबंध में 820 नल कनेक्शन, 122 बोरवेल और 48 मोटरें जब्त की गई है।
अवैध टैंकर बिक्री रोकने के लिए टैंकर फिलिंग पॉइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। महापालिका के टैंकरों में जीपीएस प्रणाली लगाने की योजना है और सर्विस सेंटर व गैरेज में वाहनों की धुलाई के लिए जेट स्प्रे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वाहनों की रीफिलिंग अनिवार्य कर दी गई है और तदनुसार सर्वेक्षण व कार्रवाई शुरू है।