

ISIS मॉड्यूल की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में 6 आरोपियों से पूछताछ को मंजूरी।
साकिब नाचन के बेटे शमील नाचन समेत आरोपियों से जेलों में पूछताछ होगी।
ED का लक्ष्य आतंकी नेटवर्क की फंडिंग और वित्तीय संपर्कों का पता लगाना है।
ED ISIS Money Laundering Case: भारत में सक्रिय ISIS मॉड्यूल से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) को इस मामले में छह प्रमुख आरोपियों के बयान दर्ज करने की अनुमति मिल गई है।
इनमें मृतक आतंकी साकिब नाचन का बेटा शमील नाचन भी शामिल है। मुंबई की विशेष अदालत के आदेश के बाद अब जांच एजेंसी तिहाड़, तलोजा और भायखला जेलों में जाकर आरोपियों से पूछताछ कर सकेगी।
अदालत की अनुमति के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) को मामले से जुड़े आरोपियों के बयान दर्ज करने का रास्ता साफ हो गया है। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य कथित आतंकी नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों और उसके वित्तीय स्रोतों का पता लगाना है।
जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित तौर पर धन कहां से जुटाया गया और उसका इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया गया।
ED का आरोप है कि मामले से जुड़े लोग जबरन वसूली जैसी कथित अवैध गतिविधियों के जरिए धन इकट्ठा कर रहे थे। एजेंसी इस धन के स्रोत, उसके लेन-देन और संबंधित लोगों के बीच वित्तीय संपर्कों की जांच कर रही है।
मुंबई शहर अवैध तरीके से जुटाए गए धन के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो यह धन प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अपराध की कमाई के दायरे में आ सकता है।
ED के अनुसार, साकिब नाचन इस कथित नेटवर्क का प्रमुख साजिशकर्ता था। एजेंसी का आरोप है कि साकिब और उसके सहयोगियों ने प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) और ISIS के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी।
उन पर युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रेरित करने, भर्ती करने और हिंसक गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप भी हैं।
जांच एजेंसी अब कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। छह आरोपियों से पूछताछ के जरिए फंडिंग के स्रोत, धन के हस्तांतरण और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जानकारी जुटाने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।