Govandi School Peon Rape Minor: मुंबई के गोवंडी इलाके में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक घटना प्रकाश में आई है। यहाँ एक 6 साल की मासूम छात्रा के साथ स्कूल के ही एक चपरासी ने पिछले एक साल से दुष्कर्म किया। आरोपी की उम्र 45 वर्ष बताई जा रही है, जो स्कूल में एक विश्वसनीय कर्मचारी के रूप में तैनात था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी छात्रा को डरा-धमका कर स्कूल के एक सुनसान और खाली कमरे में ले जाता था, जहाँ वह मासूम की अस्मत से खिलवाड़ करता था।
यह घिनौना सिलसिला लंबे समय से चल रहा था, लेकिन डर के कारण बच्ची चुप थी। मासूम बच्ची रोज स्कूल तो पढ़ने जाती थी, लेकिन वहाँ वह दरिंदगी का शिकार बन रही थी। एक दिन जब बच्ची की सहनशक्ति जवाब दे गई, तो उसने हिम्मत जुटाई और रोते हुए अपने माता-पिता को पूरी कहानी सुनाई। बच्ची की बातें सुनकर माता-पिता सन्न रह गए और उन्होंने बिना देरी किए गोवंडी पुलिस स्टेशन का रुख किया।
आरोपी स्कूल का चपरासी बच्ची को इस कदर डरा कर रखता था कि वह किसी को कुछ बता नहीं पाती थी। वह मौका पाते ही बच्ची को कक्षा से दूर ले जाता था। शिकायत मिलते ही गोवंडी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। पुलिस अब स्कूल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और यह भी जांच कर रही है कि क्या स्कूल प्रबंधन की ओर से सुरक्षा में कोई कोताही बरती गई थी।
गोवंडी पुलिस इस बात की भी गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या इस वहशी चपरासी ने स्कूल के अन्य बच्चों के साथ भी ऐसी हरकत की है। गोवंडी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से कड़ी पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या स्कूल परिसर में गैर-शिक्षण कर्मचारियों का बैकग्राउंड चेक (Background Check) सही तरीके से किया जाता है।
बदलापुर कांड के बाद राज्य सरकार ने स्कूलों में कड़े सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए थे, लेकिन गोवंडी की इस घटना ने साफ कर दिया है कि धरातल पर अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। अभिभावकों में भारी आक्रोश है और वे स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे अपराधियों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।