

Operation Crackdown Nanded Police: महाराष्ट्र का नांदेड़ शहर बुधवार रात एक ऐसी सैन्य स्तर की बरामदगी का गवाह बना, जिसने युद्ध की तैयारी जैसे सवाल खड़े कर दिए हैं। नांदेड़ ग्रामीण पुलिस को मिली एक खुफिया जानकारी के बाद इंस्पेक्टर ओमकांत चिंचोलकर की टीम ने बलीरामपुर में जाल बिछाया। वहां से शुरू हुई जांच की कड़ी गुरु रामदास नगर तक पहुँची, जहाँ हथियारों का एक विशाल भंडार मिला। पुलिस को वहां तलाशी लेने में पूरे 24 घंटे लग गए, क्योंकि हथियारों की संख्या पुलिस की उम्मीद से कहीं ज्यादा थी।
पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार के अनुसार, बरामद किए गए 4,796 हथियारों में से लगभग 90 प्रतिशत ऐसे हैं जिनका उपयोग विशुद्ध रूप से आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जाना था। इनमें 315 बड़ी तलवारें और 135 मध्यम आकार की तलवारें शामिल हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ये हथियार किसी सजावट या धार्मिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि हिंसा फैलाने के इरादे से जमा किए गए थे। इस 'ऑपरेशन क्रैकडाउन' ने संभवतः किसी बड़े दंगों या संगठित अपराध की योजना को समय रहते विफल कर दिया है।
ऑपरेशन की शुरुआत बुधवार रात करीब 11:15 बजे हुई, जब पुलिस ने संदिग्ध अभिजीत गिरिधर सातपुते को रोका। उसकी तलाशी लेने पर कमर में छिपे तलवार और खंजर बरामद हुए। कड़ी पूछताछ में उसने गुरु रामदास नगर स्थित गोदाम का खुलासा किया। हालांकि, छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी जसविंत सिंह प्रकाश सिंह सुखमणि भागने में सफल रहा। पुलिस ने सुखमणि और सातपुते के खिलाफ आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इतने बड़े पैमाने पर हथियारों का उत्पादन कहाँ हुआ और इन्हें नांदेड़ तक कैसे पहुँचाया गया। प्रारंभिक जांच में यह एक अंतरराज्यीय रैकेट होने का संकेत मिला है। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या इन हथियारों का वितरण आगामी चुनावों या किसी सांप्रदायिक तनाव वाले क्षेत्रों में होना था।
नांदेड़ पुलिस ने चेतावनी दी है कि वे हथियारों के अवैध ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यापार पर कड़ी नजर रख रहे हैं। अपराधियों की सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और फरार जसविंत सिंह की तलाश में जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि मुख्य मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद इस 'हथियारों के कारखाने' और इसके खरीदारों के नामों का बड़ा खुलासा हो सकता है।