Goregaon Mulund Link Road Tunnel: पूर्व और पश्चिम उपनगरों को सीधे जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी गोरेगांव-मुलुंड जोड़ सड़क (जीएमएलआर) परियोजना के तहत संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे सुरंग की खुदाई का काम सोमवार से शुरू हो गया। गोरेगांव (पूर्व) की दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी) से मुलुंड (पश्चिम) के अमर नगर के बीच अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) तकनीक से 5.30 किलोमीटर लंबी दोहरी सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है।
सुरंग खोदने वाली पहली विशाल मशीन का नाम 'तुलसी' रखा गया है। जीएमएलआर परियोजना की कुल लंबाई 12.20 किलोमीटर है और इसे चार चरणों में पूरा किया जा रहा है। चरण 3 (बी) में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे तीन-तीन लेन वाली दो सुरंगें बनाई जाएंगी। निर्माण के दौरान पर्यावरण और जैव विविधता को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए विशेष सावधानी बरतने का दावा किया गया है।
परियोजना में 17 क्रॉस पैसेज, 720 मीटर लंबी ट्विन बॉक्स सुरंगें तथा गोरेगांव और मुलुंड में 600 मीटर लंबे एप्रोच रोड शामिल है। इस चरण की कुल लंबाई 6.62 किलोमीटर है। सुरंगों में आधुनिक यांत्रिक वेंटिलेशन, मिस्ट आधारित अग्निशमन प्रणाली, सीसीटीवी, स्काडा नियंत्रण प्रणाली, एलईडी प्रकाश व्यवस्था और दिशासूचक संकेतक लगाए जाएंगे।
प्रत्येक सुरंग में 1,800 मिलीमीटर व्यास की पाइपलाइन के लिए भी व्यवस्था की गई है। परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी और आवश्यक वृक्ष कटाई की अनुमति प्राप्त हो चुकी है। परियोजना से प्रभावित करीब 906 लोगों का कांजूरमार्ग में छह इमारतों में पुनर्वास किया जा रहा है। बीएमसी के अनुसार, परियोजना का करीब 21 प्रतिशत भौतिक काम पूरा हो चुका है।
पहली टीबीएम की असेंबली और साइट स्वीकृति परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है, जबकि दूसरी टीबीएम की असेंबली जारी है।
दूसरी मशीन से अक्टूबर 2026 में खुदाई शुरू करने की योजना है। पूरी परियोजना फरवरी 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना पूरी होने पर पश्चिमी और पूर्वी एक्सप्रेस हाईवे के बीच सीधा संपर्क बनेगा।
इससे पूर्व-पश्चिम उपनगरों के बीच यात्रा का समय करीब 90 मिनट से घटकर 20 मिनट तक आने का अनुमान है। इससे यातायात दबाव, ईंधन खपत और आपातकालीन सेवाओं के प्रतिक्रिया समय में कमी आने की उम्मीद है।