Bombay High Court On PoP Idol Visarjan Rules: गणेशोत्सव की शुरुआत से ठीक पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियों का विसर्जन को लेकर अपने अंतरिम आदेश को बरकार रखा है। इससे सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों और स्थानीय प्रशासन के बीच बनी भ्रम की स्थिति को काफी हद तक स्पष्ट हाे गई है। अदालत ने 24 जुलाई 2025 को जारी अपने अंतरिम आदेश को इस वर्ष भी बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा जब तक इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक यही व्यवस्था पूरे महाराष्ट्र में लागू रहेगी।
बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार, 6 फीट से कम ऊंचाई वाली प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की प्रतिमाओं का विसर्जन केवल कृत्रिम तालाबों में ही किया जाएगा। मुंबई महानगरपालिका (BMC) और राज्य की अन्य स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं को इसके लिए बड़े पैमाने पर कृत्रिम तालाब तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं दूसरी ओर, 6 फीट से अधिक ऊंची और भारी PoP गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अलग व्यवस्था लागू रहेगी। बड़ी मूर्तियों को समुद्र, नदियों और झीलों जैसे प्राकृतिक जलस्रोतों में विसर्जन की विशेष अनुमति और व्यवस्था के तहत छूट दी गई है, जिससे मंडलों को राहत मिली है।
पिछले कुछ वर्षों से पीओपी गणेश प्रतिमाओं के कारण जल प्रदूषण को देखते हुए इनके इस्तेमाल और विसर्जन पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, 6 फीट से अधिक ऊंची और भारी मूर्तियों को कृत्रिम तालाबों में विसर्जित करना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण है।
मूर्तियों का वजन, तालाब की गहराई, पानी का दबाव और विसर्जन के दौरान सुरक्षा जैसे कई तकनीकी पहलू इसमें शामिल हैं। सार्वजनिक गणेश मंडलों की ओर से भी बड़ी मूर्तियों के विसर्जन को लेकर व्यावहारिक कठिनाइयों का मुद्दा उठाया जाता रहा है।
गणेशोत्सव को देखते हुए मुंबई महानगरपालिका समेत राज्य की अन्य स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं ने विसर्जन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विसर्जन घाटों के साथ ही कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर काम किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और गणेश मंडलों को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा निर्धारित नियमों के अनुसार विसर्जन प्रक्रिया पूरी की जा सके।
पीओपी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर हाईकोर्ट का अंतिम फैसला आने तक अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी। ऐसे में गणेश मंडलों और स्थानीय प्रशासन को मौजूदा निर्देशों के अनुसार ही विसर्जन की तैयारियां करनी होंगी।